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बंगाल में बीएलओ के आंदोलन का चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान, कोलकाता पुलिस से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

26 Nov, 2025 4:32 pm
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ECI on BLO Protest in West Bengal

सोमवार को सीईओ बंगाल के कार्यालय के बाहर पुलिस ने किया था प्रदर्शन.

ECI on BLO Protest in West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले जारी एसआईआर के विरोध में बूथ लेवल अधिकारियों ने राजधानी कोलकाता स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय पर सोमवार को जमकर प्रदर्शन किया. चुनाव आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने घसीटकर सीईओ कार्यालय से दूर किया था.

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ECI on BLO Protest in West Bengal: कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के बाहर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के एक वर्ग के 30 घंटे तक चले आंदोलन पर चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस से 48 घंटे के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने इसे सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन करार दिया है. बीएलओ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बंगाल के सीईओ कार्यालय में घुसने की कोशिश की थी. उनका आरोप है कि उन्हें अत्यधिक दबाव में काम करना पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने की थी सीईओ ऑफिस में घुसने की कोशिश

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बूथस्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने सीईओ कार्यालय में घुसने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गयी. पुलिस ने उन्हें घसीटकर वहां से हटाया. इससे पहले, उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से निकले जुलूस में बीएलओ ने ताले और बेड़ियों के साथ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया. उन्होंने सीईओ कार्यालय के मेन गेट को बंद करने की कोशिश की.

काम का दबाव असहनीय होने का आरोप

बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्हें कम समय में वह काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है, जो आमतौर पर 2 साल से अधिक समय लेता है. एक पदाधिकारी ने दावा किया कि कई बीएलओ बीमार पड़ रहे हैं और तनाव के कारण 2 अधिकारियों की मौत भी हो चुकी है. समिति ने चेतावनी दी कि समयसीमा नहीं बढ़ायी गयी, तो निरंतर विरोध जारी रहेगा. एक अन्य संगठन बीएलओ एक्य मंच ने गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण से जुड़ी समस्या का मुद्दा उठाया और अतिरिक्त सहायक कर्मचारियों की मांग की.

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साकेत गोखले ने चुनाव आयोग से कही थी ये बात

तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग वास्तव में स्वतंत्र है, तो उसे बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और एसआइआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए.

ECI on BLO Protest: आयोग ने आरोपों को किया था खारिज

आयोग ने काम के दबाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि बंगाल में हर बीएलओ औसतन 250 परिवारों और 900 से 1,000 वोटरों की जिम्मेदारी संभालते हैं. बंगाल में सोमवार सुबह तक 60 फीसदी डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका था और मंगलवार रात तक इसके 85 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान आयोग ने जताया था. आयोग ने साफ कहा था कि किसी भी दबाव में एसआईआर का काम रोका नहीं जा सकता.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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