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एसआइआर ने 20 साल बाद मां को बेटी और दामाद से मिलवाया

Updated at : 29 Nov 2025 1:00 AM (IST)
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एसआइआर ने 20 साल बाद मां को बेटी और दामाद से मिलवाया

हममें से कइयों ने कुंभ मेले में अपनों से बिछुड़े लोगों को मिलने की कहानियां सुनी होंगी. लेकिन अब यह कार्य चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) करता दिख रहा है.

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घर बदल जाने के कारण टूट गया था संपर्क

प्रतिनिधि, बारासात

हममें से कइयों ने कुंभ मेले में अपनों से बिछुड़े लोगों को मिलने की कहानियां सुनी होंगी. लेकिन अब यह कार्य चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) करता दिख रहा है. जी हां ऐसे ही कुछ वाकया कोलकाता के उत्तर 24 परगना के दत्तपुकुर में देखने को मिला जब 20 साल बाद एक मां को अपनी बेटी और दामाद मिल गये. मिली जानकारी के मुताबिक मां कल्याणी अधिकारी 20 वर्षों से अपनी बेटी और दामाद से संपर्क में नहीं थी, लेकिन जब एसआइआर फॉर्म भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स लाने दमदम गयीं थीं तब दमदम इलाके में उनकी अपनी बेटी और दामाद से मुलाकात हुई. बेटी और दामाद को पाकर वह काफी खुश हैं.

कल्याणी अधिकारी ने बताया कि बेटी के साथ उनका संपर्क 20 वर्षों से नहीं था. उन्हें यह भी नहीं पता था कि बेटी जिंदा है भी या नहीं. जब एसआइआर फॉर्म भरने को लेकर जहां आम लोग परेशान है वहीं एसआइआर फॉर्म द्वारा मां-बेटी को मिलता देख इलाके के लोग भावुक हो गये. मां कल्याणी अधिकारी फॉर्म भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स लाने दमदम गयीं थीं. वहीं उनकी मुलाकात उनके दामाद से हुई, और फिर कल्याणी देवी अपनी बेटी के पास पहुंच पायीं. 20 साल बाद मां-बेटी के मिलन को देख इलाके के लोगों का कहना है कि इस परिवार के लिए एसआइआर सौभाग्य बन कर आया है.स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अपनी बेटी की शादी के बाद, कल्याणी देवी, दमदम इलाके में किराये के मकान में रहती थीं.

बाद में, पैसे की दिक्कतों के कारण, उन्होंने बीस साल पहले दत्तपुकुर पुलिस स्टेशन के कोटरा इलाके में किराया का घर लिया. उसके बाद, उनका अपनी बेटी से संपर्क टूट गया. बाद में, उन्होंने दमदम और आस-पास के इलाकों में कई बार अपनी बेटी को ढूंढा, लेकिन उन्हें अपनी बेटी नहीं मिली. फिर कोरोना महामारी में दोनों परिवारों के बीच संपर्क पूरी तरह से टूट गया. ऐसे मुश्किल समय में वृद्धा कल्याणी देवी मंदिर से लेकर प्रशासन के दर-दर भटकती रहीं, लेकिन उन्हें अपनी खोयी हुई बेटी नहीं मिली. तब से, उन्होंने अपनी बेटी के वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी. एक माह पहले एसआइआर शुरू हुआ तो इलाके के बीएलओ ने फोन पर संपर्क कर कल्याणी देवी से 2002 के डॉक्यूमेंट्स मांगे. इसीलिए वह हाल ही में दमदम में अपने इलाके में गयीं, जहां वह पहले रहती थीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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