प्रधानमंत्री से मिल कर राम मंदिर निर्माण के लिए आभार जताना चाहती हैं शहीद राम- शरद कोठारी की बहन

Updated at : 17 Aug 2020 3:43 PM (IST)
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प्रधानमंत्री से मिल कर राम मंदिर निर्माण के लिए आभार जताना चाहती हैं शहीद राम- शरद कोठारी की बहन

Bengal news, Koklata news : अयोध्या में विवादित ढ़ांचा के विध्वंस होने के दौरान शहीद हुए कोलकाता के कोठारी बंधु राम एवं शरद कोठारी की बहन पूर्णिमा कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राम मंदिर शिलान्यास के लिए आभार जताने की इच्छा जतायी है. सोमवार (17 अगस्त, 2020) को भाजपा के महासचिव और प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) शहीद कोठारी बंधु के बड़ाबाजार स्थित आवास पर पहुंचे और शहीद भाइयों को श्रद्धांजलि अर्पित किया. लगभग 15 मिनट तक वह शहीद कोठारी बंधुओं के घर पर रहें.

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Bengal news, Koklata news : कोलकाता : अयोध्या में विवादित ढ़ांचा के विध्वंस होने के दौरान शहीद हुए कोलकाता के कोठारी बंधु राम एवं शरद कोठारी की बहन पूर्णिमा कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राम मंदिर शिलान्यास के लिए आभार जताने की इच्छा जतायी है. सोमवार (17 अगस्त, 2020) को भाजपा के महासचिव और प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) शहीद कोठारी बंधु के बड़ाबाजार स्थित आवास पर पहुंचे और शहीद भाइयों को श्रद्धांजलि अर्पित किया. लगभग 15 मिनट तक वह शहीद कोठारी बंधुओं के घर पर रहें.

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि कोठारी बंधुओं ने राम मंदिर के लिए बलिदान दिया था. तात्कालिक मुलायम सिंह की सरकार ने स्वयंसेवकों पर गोलियां चलवायी थी. उनमें कोठारी बंधु भी थे. अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है. शहीदों के बलिदान व्यर्थ नहीं गये हैं.

राम-शरद कोठारी स्मृति संघ की संरक्षक एवं शहीद कोठारी बंधु की बहन पूर्णिमा कोठारी ने कहा कि वह खुद श्री विजयवर्गीय से मिलना चाहती थीं और उन्हें अयोध्या से लाये गये प्रसाद देना चाहती थीं, लेकिन श्री विजयवर्गीय खुद उनके घर आ गये. उन्होंने उन्हें अयोध्या से लाया प्रसाद अर्पित किया. इसके साथ ही उन्होंने आवेदन किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल कर आभार जताना चाहती है, क्योंकि उन्होंने देश के करोड़ों रामभक्तों की कामना को पूरा किया है.

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उन्होंने कहा कि उनकी मां स्वर्गीय सुष्मिता देवी कोठारी और पिता स्वर्गीय हीरालाल कोठारी जब तक जीवित रहें. उनकी इच्छा थी कि जिसके लिए उनके पुत्रों ने बलिदान दिया है, वह राम मंदिर बने और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों को पूरा किया है. उनकी आत्मा भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद दे रही होंगी.

मालूम हो कि पूर्णिमा कोठारी को अयोध्या में संपन्न हुए रामजन्म भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था और वह शामिल भी हुईं थीं. वहां से लायी मिट्टी और प्रसाद अभी तक लगभग 4000 लोगों में वितरित कर चुकी हैं.

Posted By : Samir Ranjan.

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