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श्रीलंका से समुद्र के रास्ते साढ़े आठ घंटे में तैरकर पहुंचे भारत

Updated at : 21 Apr 2025 1:38 AM (IST)
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श्रीलंका से समुद्र के रास्ते साढ़े आठ घंटे में तैरकर पहुंचे भारत

धैर्य, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय तैराकों के एक समूह ने 18 अप्रैल को पाक जलडमरू मध्य ( तमिलनाडु के धनुष कोडी से श्रीलंका के तथाईमन्नार द्वीप ) को सफलतापूर्वक तैरकर पार कर लिया.

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18 अप्रैल को पाक जलडमरू मध्य की यात्रा की

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता

धैर्य, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय तैराकों के एक समूह ने 18 अप्रैल को पाक जलडमरू मध्य ( तमिलनाडु के धनुष कोडी से श्रीलंका के तथाईमन्नार द्वीप ) को सफलतापूर्वक तैरकर पार कर लिया. असंभव को संभव करने वाली इस सात सदस्यीय तैराकी भारतीय दल का नेतृत्व बंगाल के प्रशांत कर्मकार ने किया. प्रशांत कर्मकार का घर 24 परगना के नागेरबाजार में है. इस दल में प्रशांत के साथ पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल के रेलकर्मी रॉबिन बलदेव भी शामिल थे. रॉबिन का घर दक्षिण 24 परगना के कैनिंग में है.

अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रशांत कर्माकर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय रिले टीम ने 35 किलो मीटर की यात्रा को आठ घंटे 30 मिनट में पूरा किया. इस यात्रा की शुरुआत 18 अप्रैल को सुबह 5:50 बजे श्रीलंका के थलाईमन्नार द्वीप से शुरू हुआ था और दोपहर 2.30 बजे अपने लक्ष्य धनुष कोडी (भारत) में पहुंचे. यानी हमारी टीम ने श्रीलंका के थलाईमन्नार द्वीप से भारत के तमिलनाडु के धनुषकोडी तक की यात्रा 8.30 घंटे में पूरी की.

अर्जुन पुरस्कार विजेता पैरा स्वीमर प्रशांत ने प्रभात खबर को बताया कि 18 अप्रैल की सुबह 5.50 बजे उनकी यात्रा श्रीलंका के थलाईमन्नार द्वीप से शुरू हुई. इस समुद्री तैराकी यात्रा का फिनिसिंग प्वाइंट भारत के तमिलनाडु का धनुष कोडी समुद्री तट था. थलाईमन्नार और धनुष कोडी के बीच की सीधी दूरी 30 किमी है, लेकिन समुद्र में तेज ज्वार के कारण तैराकों ने ज्वार के बहाव और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण 35 किमी से अधिक की दूरी तय की. प्रतिकूल मौसम में तेज हवाओं ओर तेज बहाव में भी टीम के सदस्यों ने हार नहीं मानी और दृढ़ संकल्प दिखाया और अपना लक्ष्य को प्राप्त किया.

प्रशांत ने कहा कि हम अपनी यात्रा के दौरान भारतीय पौरुष का प्रतिक श्रीराम चंद्र द्वारा तैयार राम सेतु को हम स्पर्श तो नहीं कर पाये लेकिन उसके पास से तैरते हुए हमें उसके दर्शन का लाभ जरूर मिला. वहा से गुजरते हुए एक अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ.

पाक जलडमरुमध्य की इस समुद्री सफर में प्रशांत कर्माकर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय दल ने भाग लिया. इस रिले टीम में पैरा एथलीट, आइएस अधिकारी और आइपीएस अधिकारी भी शामिल थे. इसमें गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के जिला मजिस्ट्रेट अभिनव गोपाल, हरियाणा कैथल के एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, पुलिस निरीक्षक ( कर्नाटक) मुरीगेप्पा चन्नानवर, पूर्व रेलवे सियालदह मंडल में पद स्थापित टी टी रॉबिन बलदेव, मेडिकल के तीसरे वर्ष की छत्रा ( कर्नाटक) अमन शानबाग, हरियाणा के पैरा स्वीमर राजबीर और हरियाणा के राष्ट्रीय स्तर के एथलीट इशांत सिंह शामिल थे.

समुद्री यात्रा के दौरान तैराकी टीम के साथ भारतीय सीमा शुल्क, सौ सेना, वायुसेना का जहाज भी साथ में चलता रहा. इसके साथ ही श्रीलंका के सीमा शुल्क विभाग और नौ सेना का जहाज भी टीम की निगरानी करता रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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