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शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन : भाजपा

Updated at : 02 Jun 2025 11:04 PM (IST)
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शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना हमला सोमवार को तेज करते हुए इस कार्रवाई को राज्य प्रायोजित दमन तथा उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करार दिया. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और उन्हें निर्दयी कहा.

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कोलकाता/नयी दिल्ली.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना हमला सोमवार को तेज करते हुए इस कार्रवाई को राज्य प्रायोजित दमन तथा उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करार दिया. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और उन्हें निर्दयी कहा. कोलकाता निवासी एवं पुणे के विधि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली शर्मिष्ठा को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो कथित तौर पर अपलोड करने के लिए 30 मई की देर रात हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था. उक्त वीडियो में कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी की गयी थी और दावा किया गया था कि बॉलीवुड अभिनेता ऑपरेशन सिंदूर पर चुप थे. बाद में उन्हें कोलकाता की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने इन्फ्लूएंसर को 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए भाटिया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘शर्मनाक! ममता बनर्जी की पुलिस कोलकाता से करीब 1,500 किलोमीटर का सफर तय करके सिर्फ इसलिए कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार करने पहुंची, क्योंकि उसने अपनी राय रखी थी, जिसके लिए उसने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली थी! लेकिन यही पुलिस संदेशखाली के आरोपियों को तब तक नहीं पकड़ी, जब तक माननीय उच्च न्यायालय ने फटकार नहीं लगायी.’’ उन्होंने लिखा कि मुर्शिदाबाद की हिंसा में तो आरोपियों को बचाने का काम किया गया, कार्रवाई करने का नहीं. उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 19 का हनन है तथा आज देश पूछ रहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी की ढपली बजाने वाला ‘गैंग’ कहां गया?

भाटिया ने कहा कि यह शासन नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है. यह कानून का पालन नहीं, बल्कि राज्य प्रायोजित दमन है. उन्होंने कहा कि ‘निर्ममता’ बनर्जी पर शर्म आती है. यह लोकतंत्र की नृशंस हत्या है. मैं इस सत्ता के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करता हूं.’ उन्होंने लिखा, ‘अधिवक्ता समुदाय एवं सम्पूर्ण न्याय प्रिय समाज शर्मिष्ठा और उनके परिवार के साथ खड़ा है और यह समर्थन न केवल सांत्वना मात्र है, शर्मिष्ठा एवं उसके परिवार को किसी भी विधिक सहायता की जरूरत हो तो मैं निजी तौर पर भी हर संभव विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.’

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी तत्काल रिहाई की उठायी मांग

पनोली की गिरफ्तारी पर विभिन्न वर्गों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया और आलोचना हुई है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने इंस्टाग्राम ‘इन्फ्लुएंसर’ शर्मिष्ठा पनोली की तत्काल रिहायी और निष्पक्ष सुनवायी की मांग एक जून को की थी. वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य मिश्रा ने कहा था कि सोशल मीडिया वीडियो के लिए तत्काल माफी मांगने के बावजूद गिरफ्तार की गयी और न्यायिक हिरासत में भेजी गयी पनोली के साथ वह पूरी दृढ़ता से खड़े हैं. वहीं, दिल्ली बार काउंसिल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में कथित टिप्पणियों के लिए कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गयी शर्मिष्ठा पनोली की तत्काल रिहायी की सोमवार को मांग की.

सुकांत ने गिरफ्तारी पर उठाये सवाल तृणमूल का टिप्पणी करने से इनकार

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने वीडियो पोस्ट करने के आरोप में युवती को गिरफ्तार करने के मामले में कोलकाता पुलिस की ‘अति सक्रियता’ की आलोचना की. भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि यह गिरफ्तारी न्याय के लिए नहीं, बल्कि वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए तुष्टिकरण के लिए की गयी है. श्री मजूमदार ने पोस्ट किया, ‘22 वर्षीय कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पनोली को वीडियो हटा दिए जाने और सार्वजनिक माफी के बाद भी गिरफ्तार कर लिया गया. कोई दंगा नहीं हुआ. कोई अशांति नहीं हुई. फिर भी ममता बनर्जी की पुलिस ने रातों-रात कार्रवाई की- न्याय के लिए नहीं, बल्कि तुष्टिकरण के लिए. लेकिन जब तृणमूल नेता सनातन धर्म का अपमान करते हैं… महाकुंभ का मजाक उड़ाते हैं और सांप्रदायिक जहर फैलाते हैं – तो कोई प्राथमिकी नहीं होती, कोई गिरफ्तारी नहीं होती, कोई माफी नहीं. यह न्याय नहीं है. यह वोट बैंक का प्रतिशोध है.’ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया. श्री घोष ने कहा, ”हम इस मामले पर कुछ नहीं कह रहे हैं.”

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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