बंगाल चुनाव 2026 से पहले मुर्शिदाबाद में राम नवमी पर संग्राम, रघुनाथगंज-जंगीपुर में कर्फ्यू जैसे हालात
राम नवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद के हालात.
Murshidabad Violence Ram Navami 2026: बंगाल चुनाव 2026 से पहले मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में राम नवमी शोभायात्रा के दौरान झड़प हुई. टीएमसी ने चुनाव आयोग के प्रशासनिक फेरबदल और भाजपा के ‘बुलडोजर मॉडल’ पर सवाल उठाये.
Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शोर के बीच मुर्शिदाबाद का रघुनाथगंज और जंगीपुर इलाका तनाव की आग में झुलस उठा है. राम नवमी शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद शनिवार को पूरे इलाके में निषेधाज्ञा (Section 144) लागू रही. भारी पुलिस बल और केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती के बावजूद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. इस बीच, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस हिंसा को चुनाव आयोग द्वारा किये गये प्रशासनिक फेरबदल और भाजपा की ‘नफरत वाली राजनीति’ का परिणाम बताया है.
रामनवमी पर ‘संगीत’ बना विवाद की जड़, तोड़फोड़
हिंसा की शुरुआत रघुनाथगंज के मैकेंजी पार्क के पास हुई. पुलिस के अनुसार, शोभायात्रा के दौरान एक धर्मस्थल के पास तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर दो पक्षों में कहा-सुनी हुई. देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.
रघुनाथगंज और जंगीपुर में हुई झड़पें
दोनों शहरों के अलग-अलग इलाकों में झड़पें हुईं. दुकानों में तोड़फोड़ की गयी और तनाव फैल गया. पुलिस ने अब तक 30 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है. रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय बलों ने शनिवार को ‘रूट मार्च’ निकालकर लोगों से शांति की अपील की.
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Murshidabad Violence: ग्राउंड पर कैसे हैं हालात?
- अस्पताल पर नजर : जंगीपुर उपमंडल अस्पताल रघुनाथगंज में है. इसलिए पुलिस एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटी है.
- सुरक्षा घेरा : नदी के दोनों किनारों पर बसे इन शहरों में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल तैनात हैं.
- गिरफ्तारियां और जांच : पुलिस गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान गुप्त रखकर आगे की साजिश का पता लगा रही है.
टीएमसी का आरोप- अफसरों को हटाये जाने के बाद शुरू हुई हिंसा
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस हिंसा को गहरी साजिश करार दिया है. पार्टी का कहना है कि चुनाव की घोषणा होते ही चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत लगभग सभी बड़े अधिकारियों को बदल दिया. इसलिए यह हिंसा हो रही है.
प्रशासनिक फेरबदल की आड़ में बंगाल की पहचान (Adda, Culture, Brotherhood) को खत्म करने की कोशिश हो रही है. हमें ‘बुलडोजर मॉडल’ या नफरत की इम्पोर्टेड राजनीति नहीं चाहिए.
अभिषेक बनर्जी, राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
रवींद्रनाथ और विवेकानंद के बंगाल में ‘डर’ का माहौल?
टीएमसी ने सवाल उठाया कि सदियों से दुर्गा पूजा, ईद, दिवाली और क्रिसमस साथ मनाने वाले बंगाल में अचानक विभाजन क्यों दिख रहा है? क्या यह ‘परिवर्तन’ के नाम पर बंगाल के सामाजिक ताने-बाने (Social Fabric) को तोड़ने की कोशिश है? रघुनाथगंज और जंगीपुर के बाजारों में दुकानें बंद हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
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By मिथिलेश झा
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