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मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती सेहत के लिए खतरा

Updated at : 21 Apr 2025 12:45 AM (IST)
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मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती सेहत के लिए खतरा

सावधान! मॉनसून में मच्छरजनित बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, बाजार में नकली उत्पादों की भरमार

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कोलकाता. हर साल मार्च-अप्रैल में बढ़ते तापमान और प्री-मॉनसून के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे मॉनसून में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इस दौरान लोग मच्छरों को भगाने या मारने के लिए वेपोराइजर, एरोसोल, अगरबत्ती आदि का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, बाजार में नकली और घटिया उत्पादों की भरमार है, जो हमारी सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. इसलिए, असली और सरकार द्वारा प्रमाणित मच्छर भगाने वाले उत्पादों का चुनाव करना जरूरी है. होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन के सचिव जयंत देशपांडे ने स्वस्थ उत्पाद की पहचान के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बाजार में अच्छे उत्पाद भी मौजूद हैं, जिन्हें पहचानने की आवश्यकता है. मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती खरीदते समय, पैक पर सीआइबीआरसी नंबर जरूर देखें. यही सुरक्षित उत्पाद की पहचान है. हर असली और सरकार द्वारा अनुमोदित मच्छर भगाने वाले उत्पाद पर केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति (सीआइबीआरसी) का अनुमोदन संख्या, जिसे सीआइआर नंबर भी कहते हैं, मौजूद होता है. यह समिति भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत पौध संरक्षण, संगरोध और भंडारण निदेशालय (डीपीपीक्यूएस) का एक हिस्सा है. यह पंजीकरण सुरक्षा और प्रभावकारिता मानकों का पालन सुनिश्चित करता है. भरोसेमंद ब्रांड अपनी पैकेजिंग पर इस नंबर को प्रमुखता से दर्शाते हैं. यदि यह नंबर मौजूद न हो या अस्पष्ट दिखे, तो उत्पाद नकली हो सकता है. उन्होंने यह भी सलाह दी कि लोगों को निर्माता का स्पष्ट विवरण, संपर्क जानकारी, बैच नंबर और समाप्ति तिथि की भी जांच करनी चाहिए. आजकल कुछ रिपेलेंट्स पर क्यूआर कोड भी उपलब्ध होते हैं, जिन्हें स्कैन करके उत्पाद की प्रामाणिकता का पता लगाया जा सकता है.

स्वीकृत और प्रभावी फॉर्मूलेशन की तलाश करें

मच्छर भगाने वाला उत्पाद चुनते समय, हमेशा उसके फॉर्मूलेशन की जांच करें. वैज्ञानिक रूप से समर्थित और सरकार द्वारा अनुमोदित फॉर्मूलेशन, जैसे रेनोफ्लुथ्रिन, ट्रांसफ्लुथ्रिन आदि प्रभावी होते हैं. विशेष रूप से, रेनोफ्लुथ्रिन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित और पेटेंट किया गया अणु है, जो मच्छर नियंत्रण के लिए सबसे प्रभावी तरल वाष्पीकरण फॉर्मूलेशन बनाता है. वर्तमान में, रेनोफ्लुथ्रिन फॉर्मूलेशन केवल गुडनाइट फ्लैश तरल वाष्पीकरणकर्ताओं में उपलब्ध है. लोग पिकारिडिन या नींबू नीलगिरी (ओएलई) के तेल जैसे अन्य विश्वसनीय तत्वों की भी तलाश कर सकते हैं, जबकि अस्पष्ट या बिना सूची वाली रासायनिक संरचना वाले उत्पादों से बचें.

पैकेजिंग और

लेबलिंग

पर ध्यान दें

असली मच्छर भगाने वाले उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और स्पष्ट मुद्रण के साथ पैक किए जाते हैं. नकली उत्पादों में अक्सर कमजोर पैकेजिंग, फीकी स्याही, मुद्रण त्रुटियां या अस्पष्ट लेबलिंग होती है. सतर्क रहकर और इन सुझावों का पालन करके, लोग प्रभावी और असली मच्छर निरोधक आसानी से चुन सकते हैं.

ब्रांडेड और प्रमाणित उत्पादों का ही उपयोग करें

खरीदारी करते समय प्रतिष्ठित ब्रांडों के उत्पाद ही खरीदें, क्योंकि उनके प्रत्येक उत्पाद सरकार द्वारा प्रमाणित और अनुमोदित होते हैं. ये प्रमाणित ब्रांड सरकारी नियमों का पालन करते हैं और अपने उत्पादों को बाजार में लाने से पहले 2-3 साल से अधिक समय तक कठोर परीक्षण से गुजारते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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