कोलकाता. एसआइआर का पहला चरण संपन्न होने के बाद अब सुनवाई की प्रकिया शुरू होगी. इस सुनवाई में केंद्रीय सरकार के अधीन विभिन्न संस्थानों के अधिकारियों (ग्रुप बी या उससे ऊपर) को माइक्रो ऑब्जर्वर बनाया जायेगा. इसे लेकर शनिवार शाम सीईओ कार्यालय में बैठक हुई. इस बैठक में कोल इंडिया, डीवीसी, इनकम टैक्स, सीजीएसटी, कस्टम्स, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, आरबीआइ, एसएलबीसी, यूको बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, चीफ पोस्टमास्टर जनरल, सेल, पूर्व व दक्षिण पूर्व रेलवे, मेट्रो रेल सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल थे. चुनाव आयोग ने इन केंद्रीय संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में सिर्फ केंद्रीय सरकार के ग्रुप बी या उससे ऊपर के कर्मचारियों को ही माइक्रो ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त करने का फैसला लिया गया. बताया जा रहा है कि कुल 3000 से अधिक अधिकारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर बनाया जायेगा. ये माइक्रो ऑब्जर्वर सुनवाई के दौरान ईआरओ और एईआरओ के काम पर निगरानी रखेंगे. ये इन बातों का भी ख्याल रखेंगे कि किसी असली मतदाता का नाम नहीं छूटे.
उल्लेखनीय है कि पहले चरण में 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं. इनमें 24,16,852 मृत मतदाता हैं.
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