अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटे: ममता
Updated at : 29 Jul 2025 2:24 AM (IST)
विज्ञापन

Birbhum: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee with TMC MP Satabdi Roy during the language movement rally, in Birbhum, Monday, July 28, 2025. (PTI Photo) (PTI07_28_2025_000303B)
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर लोगों को परेशान न किया जाये.
विज्ञापन
एसआइआर को लेकर मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना
कहा : मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लोगों को परेशान न किया जाये
मुख्यमंत्री ने 22 लाख प्रवासी श्रमिकों को राज्य में ही रोजगार का अवसर प्रदान करने को कहा
संवाददाता, कोलकाता/बोलपुर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर लोगों को परेशान न किया जाये. उन्होंने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में सुधार की आड़ में बांग्ला भाषी प्रवासियों, अल्पसंख्यकों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और गरीबों को निशाना बनाकर वैध मतदाताओं को हटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया. सुश्री बनर्जी ने बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित गीतांजलि स्टेडियम में प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर बढ़ते विवाद के बीच निर्वाचन आयोग पर हमला बोला. यह प्रक्रिया पड़ोसी राज्य बिहार में पहले से ही चल रही है, जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बिहार में जारी प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में भी दोहरायी जा सकती है. सुश्री बनर्जी ने कहा: सिर्फ धार्मिक अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग भी उनके (भाजपा) निशाने पर हैं.हमें सभी उत्पीड़ित बंगाली प्रवासियों के साथ खड़ा होना चाहिए.
बीएलओ प्रशिक्षण के बारे में जानकारी नहीं मिलने पर सीएम नाराज: इस बीच, मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के संबंध में आयोजित किये जा रहे बीएलओ प्रशिक्षण सत्रों के बारे में नौकरशाही की ओर से संवाद की कमी पर निराशा व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मुझे दिल्ली में प्रशिक्षण के बारे में सूचित नहीं किया गया था. बंगाल से राज्य सरकार के लगभग 1,000 अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए वहां भेजा गया था. न तो मुझे और न ही मुख्य सचिव को कुछ बताया गया. जिलाधिकारियों को अपनी आंख और कान खुले रखने चाहिए. हमें सूचित किया जाना चाहिए था. यह अस्वीकार्य है. बंगाली प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य सरकार ने बनायी नयी योजना: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उत्पीड़न की वजह से दूसरे राज्यों से लौट कर आने वाले बंगाली प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए एक राज्य-संचालित योजना बनायी गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा: योजना में सुरक्षित वापस लौटने में ऐसे लोगों की मदद करने, राशन और जॉब कार्ड जारी करने तथा जिनके पास रहने की जगह नहीं है, उन्हें अस्थायी आश्रय प्रदान करने के प्रावधान शामिल होने चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर नौकरी पाने के लिए एजेंटों या दलालों पर निर्भर रहने की कोई जरूरत नहीं है. जब उन्हें दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है, तो ये एजेंट कहीं नजर नहीं आते. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बंगाल के लगभग 22 लाख लोग वर्तमान में अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार के कर्मश्री योजना के तहत रोजगार का अवसर प्रदान किया जायेगा. वर्तमान समय में राज्य के कर्मश्री योजना में 75 लाख श्रमिक हैं, अगर इनको भी इसमें शामिल कर दिया जायेगा, यह संख्या बढ़ कर एक करोड़ के आस-पास हो जायेगी.राज्य के प्रवासी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रमुख से श्रमिकों को वापस लाने का दिया निर्देश:
उन्होंने तृणमूल के राज्यसभा सदस्य और राज्य के प्रवासी श्रमिक प्रकोष्ठ प्रमुख समीरुल इस्लाम को श्रमिकों की वापसी को देखने का निर्देश देते हुए कहा, ‘उन सभी को अभी वापस लाएं.’ सुश्री बनर्जी ने मुख्य सचिव मनोज पंत को श्रम मंत्री मलय घटक के साथ इस मामले में समन्वय स्थापित करने को भी कहा. उन्होंने कोविड महामारी के दौरान श्रमिकों की वापसी की पहल को याद करते हुए कहा: उस समय हम अपने लोगों के साथ खड़े थे. आज हम देख रहे हैं कि हमारे कार्यकर्ताओं को बांग्लादेशी बताकर हिरासत शिविरों में भेजा जा रहा है. ऐसा नहीं चल सकता. उनकी टिप्पणी गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान जैसे भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों के उत्पीड़न और हिरासत में लिए जाने के आरोपों की पृष्ठभूमि में आयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




