मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष

Markandey Katju on Mahua Moitra Sagarika Ghose: बंगाल चुनाव 2026 में टीएमसी की हार के बाद पूर्व जज मार्कंडेय काट्जू ने बड़ा दावा किया है. काट्जू के मुताबिक, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष जैसी नेता बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
खास बातें
Markandey Katju on Mahua Moitra Sagarika Ghose: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है. 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा कर लिया है और ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गयी है.
ममता की हार के बाद टीएमसी में टूट की सुगबुगाहट
इस करारी हार से बौखलायी ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. दूसरी ओर, टीएमसी में बड़ी टूट की सुगबुगाहट तेज हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काट्जू के बयान ने बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है. काट्जू ने संकेत दिये हैं कि टीएमसी के कई दिग्गज चेहरे जल्द ही पाला बदल सकते हैं.
महुआ मोईत्रा और सागरिका घोष पर काट्जू का बड़ा बयान
मार्कंडेय काट्जू ने सोशल मीडिया पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि उन्हें बिल्कुल भी हैरानी नहीं होगी अगर महुआ मोईत्रा, सागरिका घोष, सायोनी घोष और कुणाल घोष जैसे कद्दावर नेता आने वाले दिनों में बीजेपी का दामन थाम लें.
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Markandey Katju on Mahua Moitra Sagarika Ghose: अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही टीएमसी
काट्जू का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब टीएमसी अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए एक अन्य पोस्ट में लिखा कि टीएमसी नेताओं को अब बस यह घोषणा कर देनी चाहिए कि वे चुनाव जीत गये हैं और बाकी सब जाये भांड़ में.
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चुनावी नतीजों ने बिगाड़ा दीदी का खेल
सोमवार (4 मई) को घोषित हुए नतीजों (West Bengal Assembly Election Results 2026) में बीजेपी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. बीजेपी 207 सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है. टीएमसी के गढ़ माने जाने वाले मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में भी सेंध लग गयी है. मुर्शिदाबाद में कभी 22 में से 20 सीटें जीतने वाली टीएमसी इस बार सिर्फ 9 सीटों पर सिमट गयी है. कांग्रेस और सीपीएम ने भी 5 साल के लंबे इंतजार के बाद विधानसभा में वापसी की है.
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अधीर रंजन चौधरी की हार और नया सियासी समीकरण
इस चुनाव में बड़े उलटफेर भी देखने को मिले हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी अपनी पारंपरिक सीट बहरमपुर से चुनाव हार गये हैं. टीएमसी के पूर्व नेता हुमायूं कबीर ने अपनी नयी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के जरिये दो सीटों पर जीत दर्ज कर ममता बनर्जी को तगड़ी चुनौती दी है. कबीर ने कहा कि ममता बनर्जी ने मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक समझा, जिसका नतीजा आज सबके सामने है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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