संवाददाता, कोलकाता
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) ने बुधवार को आइसीएसइ (10वीं) और आइएससी (12वीं) का रिजल्ट घोषित कर दिया है. आइसीएसइ में उत्तीर्ण प्रतिशत 99.09 रहा, वहीं आइएससी का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.02. इसमें एक बार फिर छात्राएं छात्रों से आगे रहीं. 10वीं की परीक्षा में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.45 और छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.64 है. वहीं, 12वीं में भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया. इसमें छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.45 और छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.64 है. आइएससी में 400 में 400 अंक लाकर कोलकाता की सृजनी ने नेशनल टॉपर होने का गौरव हासिल किया है.इस साल 10वीं के नतीजे परीक्षा खत्म होने के 34 दिनों बाद और 12वीं की परीक्षा खत्म होने के 25 दिनों बाद घोषित किये गये. पश्चिम बंगाल में 10वीं में कुल 99.09 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है, जबकि 12वीं में यह दर 99.02 फीसदी रही. इस वर्ष दोनों परीक्षाओं में राज्य की छात्राओं ने बाजी मारी है. जानकारी के अनुसार, राज्य में 10वीं की परीक्षा में कुल 43,240 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. इनमें छात्रों की संख्या 23,702 यानी 98.53 प्रतिशत और छात्राओं की संख्या 19,538 यानी 99.04 प्रतिशत है. इस वर्ष 10वीं की परीक्षा राज्य के कुल 435 स्कूलों में हुई थी.
वहीं, 12वीं की परीक्षा में कुल 27,456 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए. इनमें छात्रों की संख्या 14,711 यानी 98.20 प्रतिशत और छात्राओं की संख्या 12,745 यानी 99.38 प्रतिशत है. 12वीं की परीक्षा कुल 333 स्कूलों में हुई थी. बताया गया है कि इच्छुक विद्यार्थियों अपनी कॉपी की पुनः जांच कराने के लिए अपने स्कूल के माध्यम से सीआइएससीइ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए पोर्टल चार मई तक खुला रहेगा. इंप्रूवमेंट परीक्षा छात्र अधिकतम दो विषयों में दे सकेंगे. यह परीक्षा इस वर्ष जुलाई में ली जायेगी.शोध के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं सृजनी
कोलकाता. आइएससी की परीक्षा में सृजनी को 400 में 400 नंबर मिले हैं. सृजनी रीजेंट्स पार्क स्थित फ्यूचर फाउंडेशन स्कूल की छात्रा हैं. 12वीं की परीक्षा में उसे प्रत्येक विषय में 100 में 100 अंक मिले हैं. इस बारे में उसने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि परीक्षा के नतीजे अच्छे होंगे, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अंग्रेजी में भी 100 में से 100 अंक मिलेंगे. सृजनी की मां गुरुदास कॉलेज में इतिहास की प्रोफेसर हैं. पिता कोलकाता भारतीय सांख्यिकी संस्थान में गणित के प्रोफेसर हैं. दोनों अपनी बेटी के परिणामों से बेहद खुश हैं. सृजनी के माता- पिता ने कहा कि हमलोगों को नहीं लगा था कि उसे 400 में 400 अंक मिलेंगे. उन्होंने कहा कि उसे कभी भी पढ़ने के लिए नहीं कहा गया. सृजनी ने कहा कि मैंने कभी भी घड़ी देखकर पढ़ाई नहीं की, लेकिन जब भी पढ़ा, दिल से पढ़ा. उसने कहा कि उसे घूमना पसंद है. उसने कहा कि उसे इंजीनियर नहीं बनना है. वह अपने पिता की तरह शोध करना चाहती हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

