बारासात अदालत ने पत्नी के प्रेमी की हत्या मामले में पति को उम्रकैद, पत्नी को पांच साल की दी सजा

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बारासात अदालत ने पत्नी के प्रेमी की हत्या मामले में पति को उम्रकैद, पत्नी को पांच साल की दी सजा

अदालत ने पत्नी के प्रेमी की हत्या और अपराध के सबूत मिटाने के जुर्म में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.

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प्रतिनिधि, बारासात.

अदालत ने पत्नी के प्रेमी की हत्या और अपराध के सबूत मिटाने के जुर्म में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. पत्नी को भी पांच साल कैद की सजा सुनायी गयी. बारासात अदालत ने शुक्रवार को सात साल पुराने हत्या के एक मामले में दंपती को सजाया सुनायी.

क्या था मामला : घटना छह नवंबर 2018 की है. उत्तर 24 परगना के रोहांडा-चंडीगढ़ ग्राम पंचायत के दक्षिण योजरा गांव की महिला अर्जीना बीबी उस दिन घर पर अकेली थी. उसका प्रेमी अब्दुल हसन उसके पति के बाहर होने का फायदा उठाते हुए अर्जीना के घर गया था. तभी महिला का पति जाकिर हुसैन घर में पहुंच गया. अर्जीना ने तुरंत अपने तेवर बदले व प्रेम की बात से साफ इनकार किया और अपने पति से कहा कि वह दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा था.

प्रेमिका की बात सुन कर अब्दुल सदमे में आ गया. उसने जब सच बताया तो दोनों ओर से ही बहस शुरू हो गयी. आरोप है कि जाकिर ने गुस्से में अब्दुल की गला घोंटकर हत्या कर दी. इतना ही नहीं उसने सबूत मिटाने के लिए अपनी पत्नी को साथ लिया. दोनों ने मिल कर शव के टुकड़े किये. मृतक के दोनों पैर काट दिये गये थे. उसके बाद सिर को धड़ से अलग किया गया. बाद में टुकड़े-टुकड़े में शव को पास के नहर में फेंक दिया.

पुलिस की कार्रवाई : अब्दुल के परिवार ने मध्यमग्राम थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी. उसके आधार पर पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी. अगले दिन ही स्थानीय लोगों ने नहर में मानव अंग देखे तो पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने इस मामले में जब अर्जिना और जाकिर को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो दंपती ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. मामला सात वर्षों से चल रहा था. कुल 19 गवाहों की गवाही और विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर बारासात जिला न्यायालय ने गुरुवार को जाकिर और अर्जिना को दोषी ठहराया. शुक्रवार को न्यायाधीश दीपाली श्रीवास्तव ने हत्या के दोषी जाकिर को आजीवन कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. अदालत ने जाकिर की पत्नी अर्जिना को पांच साल की कैद और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. इस मामले में सरकारी वकील संदीप चटर्जी ने कहा कि यह बेहद जघन्य घटना थी.

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Subodh Kumar Singh

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