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एचएमसी की चुनावी जटिलता सुलझाने को सक्रिय हुई सरकार

Updated at : 26 Dec 2025 1:29 AM (IST)
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एचएमसी की चुनावी जटिलता सुलझाने को सक्रिय हुई सरकार

राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, हावड़ा नगर निगम में वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 66 करने पर विचार किया जा रहा है.

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वार्डों की संख्या 50 से बढ़ा कर 66 करने पर हो रहा विचार, शीतकालीन सत्र में विधेयक संभव कोलकाता. महानगर से सटे हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) में चुनाव को लेकर लंबे समय से चली आ रही जटिलताओं को समाप्त करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार सक्रिय हो गयी है. राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, हावड़ा नगर निगम में वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 66 करने पर विचार किया जा रहा है. इस प्रस्ताव पर हाल ही में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की गयी है. सूत्रों का कहना है कि पिछले दो दशकों में हावड़ा नगर निगम क्षेत्र में जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इसी को आधार बनाकर राज्य सरकार यहां वार्डों की संख्या बढ़ाने की योजना पर आगे बढ़ रही है. इसके लिए हावड़ा नगर निगम अधिनियम में संशोधन की जरूरत होगी, जिसे लेकर आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश किये जाने की संभावना जतायी जा रही है. गौरतलब है कि वर्ष 2015 में बाली नगरपालिका का हावड़ा नगर निगम में विलय किया गया था, जिसके बाद एचएमसी के अंतर्गत वार्डों की संख्या 50 से बढ़कर 66 हो गयी थी. हालांकि, बाद में प्रशासनिक समस्याओं के चलते राज्य सरकार ने बाली नगरपालिका को फिर से अलग नगरपालिका बनाने का प्रस्ताव राजभवन को भेजा था. उस समय तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. बाद में मौजूदा राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद वर्तमान में हावड़ा नगर निगम में 50 वार्ड हैं. अब एक बार फिर एचएमसी में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 66 करने की योजना बनायी गयी है. राज्य सरकार का तर्क है कि पिछले डेढ़ दशक में हावड़ा नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या में वृद्धि के कारण प्रशासनिक संतुलन और बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए वार्डों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया है. उल्लेखनीय है कि हावड़ा नगर निगम में आखिरी चुनाव वर्ष 2013 में हुआ था, जिसका कार्यकाल 2018 में समाप्त हो गया. इसके बाद से विभिन्न जटिलताओं के कारण अब तक चुनाव नहीं हो सका है. परिणामस्वरूप नया बोर्ड गठित नहीं हो पाया है और नगर निगम का संचालन प्रशासकों के जरिए किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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