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Gangasagar Mela: गंगासागर. मकर संक्रांति के मौके पर गंगा और सागर के संगम स्थल पर पुण्य स्नान के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा. बंगाल के बिजली मंत्री अरूप विश्वास का दावा है कि बुधवार दोपहर 3 बजे तक 85 लाख तीर्थयात्री पावन डुबकी लगा चुके हैं. सागरद्वीप स्थित मेला ऑफिस में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्री विश्वास ने बताया कि गुरुवार को भी लोग स्नान के लिए पहुंचेंगे. इसलिए रात भर जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस, विभिन्न एनजीओ को सतर्क रहने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि सीएम ममता बनर्जी राज्य सचिवालय में बने कंट्रोल रूम से मेले पर नजर रख रही हैं.
समुद्र तट की सफाई के लिए 30 हजार प्रहरी तैनात
मकर संक्रांति का बुधवार दोपहर 1.19 बजे से गुरुवार अपराह्न 1.19 बजे तक पुण्य काल है. ऐसे में गुरुवार को भी लोग गंगासागर में स्नान करेंगे. इसके लिए जिला प्रशासन तैयार है. मंत्री का दावा है कि गंगासागर में विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी तीर्थयात्री पावन डुबकी लगाने पहुंचे हैं. उनका दवा है फ्रांस, यूक्रेन, रसिया, यूके और नेपाल से श्रद्धालु संगम स्थल पर पहुंच कर आस्था की डूबकी लगा चुके हैं.मंत्री ने बताया कि गंगासागर में 24 घंटे लोग स्नान कर रहे हैं. इसलिए हम सागर तट की साफ सफाई पर ध्यान रख रहे हैं. सागर तट की सफाई के लिए 30 हजार प्रहरी तैनात किये गये हैं. गंगासागर में स्नान करने वाले इच्छुक श्रद्धालुओं को जिला प्रशासन की ओर से बंधन प्रमाण पत्र दिया जा रहा है. ताकि यहां संगम स्थल में स्नान करने वाले लोगों के पास परिचय पत्र हो.
गंगासागर में असम के एक पुलिसकर्मी की मौत
मंत्री ने बताया कि अब तक पांच लाख 75 हजार लोगों को बंधन सर्टिफिकेट जारी किया गया है. मेले में पॉकेट मारी के 272 मामले दर्ज हुए हैं. इनमें 260 मामलों में शिकायतकर्ता को चोरी हुई वस्तु को लौटा दिया गया है. वहीं, विभिन्न मामलों में 772 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. सागरद्वीप में हार्ट अटैक होने से एक तीर्थयात्री की मौत हो गयी. उसे गंगासागर मेला क्षेत्र में बने अस्थायी हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. हैम रेडियो को इसकी जानकारी दी गयी. हैम रेडियो वेस्ट बंगाल क्लब के सेक्रेटरी अंबरीश नाग विश्वास खुद वहां पहुंचे. एक घंटे की कोशिश के बाद उसकी पहचान हो पायी. मृतक का नाम मिथुन मंडल (51) बताया गया है. मिथुन असम में पुलिस टेक्नीशियन के तौर पर कार्यरत थे. वह अकेले गंगासागर मेले में पहुंचे थे.
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