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साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए मांगा फंड

Updated at : 24 Oct 2025 10:40 PM (IST)
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साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए मांगा फंड

साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के अधिकारियों ने एजुकेशन विभाग को पत्र लिखकर कॉलेज कैंपस में 70 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए फंड मांगा है.

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कोलकाता. साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए फंड का प्रस्ताव भेजा है. कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के एक सदस्य ने जानकारी दी कि इंस्टीट्यूट ने फाइनेंशियल मदद मांगी है, क्योंकि उसके पास खुद से जरूरी संसाधन के लिए रिसोर्स नहीं हैं. साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के अधिकारियों ने एजुकेशन विभाग को पत्र लिखकर कॉलेज कैंपस में 70 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए फंड मांगा है. कॉलेज में हुई रेप की घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत बंदोबस्त किये गये हैं. कॉलेज की ओर से एजुकेशन विभाग को बताया गया है कि उसका मकसद अपनी फीमेल स्टूडेंट्स की सुरक्षा और सिक्योरिटी पक्का करने के लिए पूरे कॉलेज ग्राउंड में पूरी सीसीटीवी सर्विलांस लगाना है. सीसीटीवी लगाने में विशेषज्ञ रखने वाली एक कंपनी को उन एरिया की पहचान करने के लिए लगाया गया था, जहां कैमरे लगाने की ज़रूरत है. विभाग को पूरे विवरण के साथ एक प्रस्ताव भेजा गया है. प्रस्ताव के आधार पर फंड के अनुमान पर फैसला करना सरकार के हाथ में है. गौरतलब है कि जनवरी 2023 में, कॉलेज ने सीनियर स्टूडेंट्स द्वारा कथित रैगिंग के बारे में यूजीसी को प्रथम वर्ष के एक छात्र की रिपोर्ट के बाद अपने कैंपस में तीन सीसीटीवी कैमरे लगाये थे.

कॉलेज के एक अधिकारी ने कहा कि कॉलेज के पास इतने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए फंड नहीं हैं, जैसा कि शिक्षा विभाग ने हाल ही में जादवपुर यूनिवर्सिटी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए फंड देने का फैसला किया है. हम उम्मीद करते हैं कि विभाग हमारे प्रस्ताव पर भी विचार करेगा. गवर्निंग बॉडी के सदस्य विभाग से बैठक कर चुकी है लेकिन अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि सीसीटीवी कैमरे कब लगाये जायेंगे और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड कब लगाये जायेंगे, इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अभी तक प्रस्ताव पर विचार नहीं किया है. हालांकि कॉलेज प्रशासन चाहता है कि कॉरिडोर, क्लासरूम और लिफ्ट सीसीटीवी कवरेज के तहत कर दिये जायें, ताकि लड़कियों की सुरक्षा को सुनिश्चित की जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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