सीआइएससीई के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए फिटनेस मूल्यांकन जरूरी, 15 को पोर्टल होगा लॉन्च
Published by :AKHILESH KUMAR SINGH
Published at :02 Jul 2025 1:41 AM (IST)
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सीआईएससीई ने अपने संबद्ध स्कूलों से कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों को ‘‘शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस मूल्यांकन’’ कार्यक्रम के लिए पंजीकृत करने के निर्देश दिये हैं.
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खेल एवं शारीरिक गतिविधियों को विद्यार्थियों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर
संवाददाता, कोलकाताकाउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने अपने संबद्ध स्कूलों से कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों को ‘‘शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस मूल्यांकन’’ कार्यक्रम के लिए पंजीकृत करने के निर्देश दिये हैं. एक्टिव सीआईएससीई कार्यक्रम के तहत हर छात्र के शारीरिक फिटनेस मानकों का आकलन किया जायेगा और खेल एवं शारीरिक गतिविधियों को उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जायेगा. काउंसिल द्वारा स्कूलों को भेजे गये नोटिस में कहा गया है कि जैसे-जैसे खुली जगहें कम होती जा रही हैं, स्कूल अब सुरक्षित वातावरण के रूप में काम कर रहे हैं, जहां बच्चे शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं. काउंसिल की मंशा है कि स्कूल परिसरों को फिटनेस और खेल के सक्रिय केंद्रों में बदला जाये, ताकि छात्र केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी मजबूत और संतुलित जीवन जी सकें. 15 जुलाई से पोर्टल, 30 सितंबर तक पंजीकरण: काउंसिल के एक अधिकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए वेब पोर्टल 15 जुलाई को लॉन्च किया जायेगा. स्कूलों को 30 सितंबर तक कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों का पंजीकरण इस पोर्टल पर पूरा करना होगा. इस पोर्टल पर आयु और कक्षा के अनुरूप टेस्ट मॉड्यूल, फिटनेस सुधार के लिए वीडियो ट्यूटोरियल, खेल कौशल बैज और प्रारंभिक प्रतिभा पहचान जैसे फीचर्स उपलब्ध होंगे. हर छात्र को एक ऑनलाइन ‘‘फिटनेस रिपोर्ट कार्ड’’ भी मिलेगा, जिसमें बेसलाइन फिटनेस स्कोर, आहार, स्क्रीन टाइम, नींद की जानकारी समेत स्वास्थ्य और जीवन शैली संबंधी सुझाव शामिल होंगे. काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों का पंजीकरण और आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) परीक्षा के लिए फाइनल एंट्री तभी स्वीकार की जायेगी, जब संबंधित स्कूल के सभी छात्रों का फिटनेस पोर्टल पर पंजीकरण और डेटा सफलतापूर्वक जमा होगा. एक स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है और मोटापे की समस्या भी बढ़ रही है. इस तरह की पहल से बच्चों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी. कई स्कूलों ने उम्मीद जतायी कि काउंसिल के इस कदम से फिटनेस पर लगातार निगरानी और बच्चों की सेहत बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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