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गर्मी के चलते प्राथमिक स्कूलों का समय सुबह 6.30 बजे से करने की मांग उठी

Updated at : 09 Jun 2025 1:24 AM (IST)
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गर्मी के चलते प्राथमिक स्कूलों का समय सुबह 6.30 बजे से करने की मांग उठी

इस विषय में बंगीय प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव आनंद हांडा ने कहा कि कई स्कूल अपना समय बदलना चाहते हैं, लेकिन विभाग इसकी अनुमति नहीं दे रहा है.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक इसका समय बदल कर सुबह 6.30 बजे से करने की मांग कर रहे हैं. कुछ स्कूलों के हेडमास्टरों का कहना है कि सुबह 10.45 से शाम चार बजे तक के समय में काफी तेज धूप होती है और बच्चे गर्मी में परेशान होते हैं. इस विषय में बंगीय प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव आनंद हांडा ने कहा कि कई स्कूल अपना समय बदलना चाहते हैं, लेकिन विभाग इसकी अनुमति नहीं दे रहा है. हालांकि बांकुड़ा, पुरुलिया और पूर्व मेदिनीपुर में कुछ स्कूलों ने समय बदल कर सुबह किया था, लेकिन उनको ऐसा नोटिस जारी करने से मना कर दिया गया और उनको तय समय यानि सुबह 10.45 बजे ही स्कूल शुरू करने के लिए कहा गया. इसके बाद कुछ और प्राइमरी स्कूलों ने भी भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह 6.30 का समय रखने के लिए अपील की, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है.

बांकुड़ा में डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी स्कूल काउंसिल (डीपीएससी) ने सक्रिय कदम उठाते हुए जिले के सभी प्राथमिक और जूनियर बेसिक स्कूलों को अगली सूचना तक सुबह के समय के अनुसार संचालित करने का निर्देश दिया है. इस उपाय का उद्देश्य छात्रों को दिन के समय बढ़ते तापमान से बचाना है. इसी तरह पूर्व मेदिनीपुर में डीपीएससी ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड से सुबह के समय में बदलाव करने की अनुमति मांगी है. इस क्षेत्र में वर्तमान में 38-39 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रह रहा है, पूर्वानुमानों के अनुसार इसमें और वृद्धि हो सकती है. इसके मद्देनजर, पूर्व मेदिनीपुर के डीपीएससी ने कम से कम चार सप्ताह या हीटवेव की स्थिति कम होने तक सुबह के स्कूल सत्र के लिए अनुमति मांगी है.

गर्मी से बचाव के लिए मौसमी फल व ओआरएस का घाेल देने की मांग

एसोसिएशन के महासचिव का कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों के लिए स्कूल में ओआरएस का घोल या मौसमी फलों की व्यवस्था भी सरकार को करनी चाहिए, जिससे बच्चे गर्मी से बचें और स्वस्थ रहें. उनका कहना है कि कैलेंडर में स्कूल 13 मई से 31 मई तक खोले रखने एवं मिड डे मील सप्लाई की बात थी लेकिन इन 17 दिनों तक स्कूल बंद रहे, तो 17 दिनों के मिड डे मील का फंड कहां गया. सरकार के पास यह फंड सुरक्षित होगा, इसी में से प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को गर्मी में ओआरएस का घोल और मौसमी फल वितरित किया जाना चाहिए. प्राथमिक स्कूल चलाने वाले शिक्षकों का कहना है कि कई सरकारी स्कूलों में पंखे भी उपलब्ध नहीं हैं, बच्चों को गर्मी में बैठने में काफी समस्या होती है, उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, इसको देखते हुए सुबह 10 बजे के बजाय स्कूल सात बजे शुरू किया जाना चाहिए, इससे बच्चों का गर्मी में बचाव होगा और वे स्वस्थ रहेंगे. हालांकि छुट्टियों के बाद स्कूलों के फिर से खुलने के बाद कुछ जिलों ने पहले ही सुबह के समय कक्षाएं संचालित करने का फैसला किया है लेकिन प्राथमिक शिक्षा बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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