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टीएमसीपी की रैली से पूर्व परीक्षा को लेकर उठा विवाद

Updated at : 27 Jul 2025 12:55 AM (IST)
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टीएमसीपी की रैली से पूर्व परीक्षा को लेकर उठा विवाद

भट्टाचार्य ने पूछा : बीकॉम (वाणिज्य स्नातक) के चौथे सेमेस्टर और बीए-एलएलबी की चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं उस दिन आयोजित करने का निर्णय जान-बूझकर लिया गया है.

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कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) ने शनिवार को आरोप लगाया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) की कार्यवाहक कुलपति ने जान-बूझकर परीक्षा कार्यक्रम इस तरह निर्धारित किया है कि विद्यार्थी 28 अगस्त को उसकी (छात्र शाखा की) स्थापना दिवस रैली में भाग न ले सकें. हालांकि, कार्यवाहक कुलपति एस दत्ता ने कहा कि सेमेस्टर परीक्षा कार्यक्रम इस उच्च शिक्षण संस्थान के शैक्षणिक कैलेंडर, कक्षाओं, सरकारी छुट्टियों और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए घोषित किया गया है और इसका किसी संगठन की स्थापना दिवस रैली से कोई लेना-देना नहीं है. टीएमसीपी के प्रदेश इकाई के अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने कहा : यह कोई साधारण अकादमिक निर्णय नहीं है. यह विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति का एक राजनीतिक कदम है, जिनकी नियुक्ति दिल्ली की भाजपा सरकार के इशारे पर टीएमसीपी को शर्मिंदा करने और उसके समर्थकों को रैली में शामिल होने से रोकने के लिए की गयी है. भट्टाचार्य ने पूछा : बीकॉम (वाणिज्य स्नातक) के चौथे सेमेस्टर और बीए-एलएलबी की चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं उस दिन आयोजित करने का निर्णय जान-बूझकर लिया गया है. परीक्षा का समय दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक रखा गया है. क्या आपको नहीं लगता कि यह समय हमारे समर्थकों को स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने से रोकने के लिए तय किया गया है? इसपर दत्ता ने कहा कि सेमेस्टर परीक्षा कार्यक्रम राज्य की छुट्टियों और शैक्षणिक कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है और इसे किसी संगठन के राजनीतिक कार्यक्रम के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह भी कहा : अगर हमें परीक्षा निर्धारित करने के लिए एक संगठन (टीएमसीपी) के कार्यक्रम को ध्यान में रखना है, तो हमें अन्य संगठनों के राजनीतिक कार्यक्रमों के बारे में भी सोचना होगा, जो संभव नहीं है. दत्ता को राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा 2023 में कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया था. उससे पहले सीयू की पूर्णकालिक कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी ने राज्य सरकार द्वारा उनकी नियुक्ति में अवैध बातों के आरोपों के बाद पद छोड़ दिया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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