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मुख्यमंत्री ने नजरुल इस्लाम की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

Updated at : 29 Aug 2025 10:50 PM (IST)
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मुख्यमंत्री ने नजरुल इस्लाम की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

नजरुल की धर्मनिरपेक्षता और मानवीय मूल्य समाज को नयी दिशा देने का कार्य कर रहे

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नजरुल की धर्मनिरपेक्षता और मानवीय मूल्य समाज को नयी दिशा देने का कार्य कर रहे कोलकाता. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कवि नजरुल इस्लाम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और कहा कि उनका जीवन, आदर्श और साहित्य आज भी लोगों के दिलों में जीवित है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखे संदेश में कवि की प्रसिद्ध पंक्ति ‘बल बीर चीर उन्नत मम शिर’ उद्धृत करते हुए कहा कि नजरुल की धर्मनिरपेक्षता और मानवीय मूल्य ही समाज को नयी दिशा देने का कार्य कर रहे हैं और उनकी सरकार उन्हीं आदर्शों को आगे बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि राज्य सरकार ने कवि की स्मृति को सहेजने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं. आसनसोल के पास काजी नजरुल विश्वविद्यालय की स्थापना, अंडाल के ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का नाम बदलकर काजी नजरुल इस्लाम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा रखना, ‘नजरुल तीर्थ’ और ‘पश्चिम बंगाल काजी नजरुल इस्लाम अकादमी’ का निर्माण, तथा कोलकाता मेट्रो के कई स्टेशनों को कवि के नाम से जोड़ना इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि अकादमी से कवि पर लगातार शोधपरक पुस्तकें भी प्रकाशित की जा रही हैं. ममता बनर्जी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि आज के दिन उनका संकल्प है कि रवींद्र-नजरुल की भाषा बांग्ला का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. इसके प्रतिकार के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, राज्य सरकार उठायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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