सीएम ने सेंट्रल पार्क में बोई तीर्थ बनाने का किया एलान

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee holds a book during the inauguration ceremony of the 49th International Kolkata Book Fair, in Kolkata, Thursday, Jan. 22, 2026. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI01_22_2026_000289A)
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सॉल्टलेक के सेंट्रल पार्क ( बोई मेला प्रांगण) में 49 वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन किया.
49वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सॉल्टलेक के सेंट्रल पार्क ( बोई मेला प्रांगण) में 49 वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले की 50 वीं वर्षगांठ से पहले यहां बोई तीर्थ तैयार होगा, जो पुस्तकों से सजाया जायेगा. इसके लिए राज्य सरकार 10 करोड़ रुपये देगी, ताकि अगले साल यहां आयें तो उससे पहले यहां बोई (किताब) तीर्थ देखने को मिले. इसे लेकर उन्होंने एक रफ नक्शा भी तैयार कर दिखाया. मुख्यमंत्री से पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गील्ड द्वारा बोई मेला को लेकर कुछ करने का अनुरोध किये जाने पर सुश्री बनर्जी ने यह घोषणा की. 49 बार घंटा बजाकर उन्होंने पुस्तक मेले का उद्घाटन किया. गौरतलब है कि अगले साल कोलकाता पुस्तक मेले के आयोजन के 50 साल पूरे हो जायेंगे. सुश्री बनर्जी ने कहा कि उन्हें आज भी पुस्तक लिखने की आदत है. अब तक उनकी लिखी 153 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. अब इस बार पुस्तक मेले में उनकी किताबों की संख्या बढ़कर 162 हो जायेगी. उन्होंने और नौ पुस्तकें लिखी हैं, जो इस बार पुस्तक मेले में दिखेंगी. मौके पर आयोजक पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गील्ड के अध्यक्ष सुधांशु शेखर डे और महासचिव त्रिदिब कुमार चटर्जी के अलावा राज्य के कई मंत्री उपस्थित थे.एसआइआर पर कविता संकलन :
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी नयी पुस्तकें भी इस मेले में आ रही हैं, जिसमें एक एसआइआर के कारण लोगों को झेलनी पड़ रही पीड़ा पर आधारित 26 कविताओं का संकलन है. बुजुर्ग सहित सैकड़ों लोगों को सुनवाई के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है और प्रतिदिन पांच-छह घंटे खुले में इंतजार करना पड़ता है.एसआइआर को लेकर मानसिक तनाव ने 110 लोगों की जान ली : ममता
पुस्तक मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि राज्य में एसआइआर को लेकर मानसिक तनाव और दहशत के कारण अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि तार्किक विसंगतियों के नाम पर वे (निर्वाचन आयोग) बंगालियों के उपनाम को लेकर सवाल पूछ रहे हैं, जो (उपनाम) वर्षों से ज्ञात और स्वीकृत हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ममता बनर्जी और ममता बंद्योपाध्याय, दोनों नाम से जाना जाता है. उसी तरह चटर्जी और चट्टोपाध्याय एक ही उपनाम है. ब्रिटिश शासन के दौरान ठाकुर को टैगोर नाम से भी जाना जाने लगा. उन्होंने कहा कि अगर रबींद्रनाथ ठाकुर जीवित होते, तो शायद उन्हें भी आज इस स्थिति का सामना करना पड़ता. उन्होंने दावा किया कि दो या दो से अधिक बच्चों वाले माता-पिता से उनकी उम्र में अंतराल के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है और बुजुर्ग लोगों से जन्म प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं.मुख्यमंत्री ने कहा: हमारी माताएं हमें सटीक जन्मतिथि नहीं बता सकतीं. यहां तक कि (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी जी ने भी मुझे बताया था कि 25 दिसंबर उनकी असली जन्मतिथि नहीं है. मेरे पास माध्यमिक (कक्षा 10 की राज्य बोर्ड परीक्षा) के प्रमाण पत्र हैं, जिनसे मेरी जन्मतिथि प्रमाणित होती है, लेकिन पुरानी पीढ़ियों के कई ऐसे लोग हैं, जिनके पास शायद ये कागजात न हों, उन्हें क्यों परेशान किया जाये?
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