ePaper

एसआइआर मामले में अभ्यावेदन पर विचार करें सीईओ : उच्च न्यायालय

Updated at : 25 Dec 2025 2:01 AM (IST)
विज्ञापन
एसआइआर मामले में अभ्यावेदन पर विचार करें सीईओ : उच्च न्यायालय

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) को उस अभ्यावेदन पर विचार करने को कहा, जिसमें मांग की गयी है कि राज्य में मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में अमान्य ओबीसी प्रमाण पत्रों को दस्तावेजों के रूप में स्वीकार न किया जाये

विज्ञापन

एक हफ्ते के भीतर तर्कसंगत निर्णय देने का निर्देश

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) को उस अभ्यावेदन पर विचार करने को कहा, जिसमें मांग की गयी है कि राज्य में मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में अमान्य ओबीसी प्रमाण पत्रों को दस्तावेजों के रूप में स्वीकार न किया जाये और एक तर्कसंगत आदेश पारित किया जाये.

याचिकाकर्ता ने कहा कि अदालत ने मई 2024 के एक फैसले में राज्य में 77 श्रेणियों के लोगों के संबंध में ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिये थे और उसने आयोग को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश देने का अनुरोध किया. न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने सीइओ को याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार करने और आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर तर्कसंगत निर्णय देने का निर्देश दिया. उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने यह पाते हुए मई 2024 में राज्य में 2010 से दिये गये कई वर्गों के लोगों के ओबीसी दर्जे को रद्द कर दिया था, कि राज्य में सेवाओं और पदों में रिक्तियों के लिए इस तरह का आरक्षण कानून के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है.

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि निरस्त किये गये वर्गों के उन नागरिकों की सेवाएं, जो पहले से ही सेवा में हैं या आरक्षण के लाभ उठा चुके हैं या राज्य की किसी भी चयन प्रक्रिया में सफल हुए हैं, इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी. याचिकाकर्ता अरिजीत बख्शी राज्य में एक मतदाता हैं.

उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया कि राज्य में मतदाता सूची के एसआइआर के लिए गणना प्रपत्र में ओबीसी प्रमाण पत्रों का एक वैध दस्तावेज के रूप में उल्लेख किया गया है. उनके वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने अनुरोध किया कि निर्वाचन आयोग एक शुद्धिपत्र जारी करे जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि उच्च न्यायालय द्वारा रद्द किये गये प्रमाण पत्रों को छोड़कर, केवल वैध ओबीसी प्रमाण पत्रों को ही एसआइआर प्रक्रिया में एक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाये.

निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वकील अनामिका पांडे ने कहा कि मतदाता सूची की एसआइआर की वैधता से संबंधित एक मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए वर्तमान याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए. न्यायमूर्ति राव ने टिप्पणी की कि याचिका में एसआइआर कवायद की किसी भी प्रक्रिया को चुनौती नहीं दी गयी है और याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायतों पर विचार करने के लिए निर्वाचन आयोग को एक अभ्यावेदन दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola