ePaper

योगा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बंगाल का रहा जलवा

Updated at : 19 Nov 2025 10:38 PM (IST)
विज्ञापन
योगा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बंगाल का रहा जलवा

13 खिलाड़ियों ने जीते 45 पदक सिंगुर की नेहा और दमदम की पूर्वा चमकीं

विज्ञापन

13 खिलाड़ियों ने जीते 45 पदक सिंगुर की नेहा और दमदम की पूर्वा चमकीं

हुगली. पंजाब में आयोजित योगा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बंगाल के खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. जूनियर और सीनियर, दोनों वर्गों में शामिल राज्य के 13 खिलाड़ियों ने कुल 45 पदक जीतकर प्रतियोगिता में बंगाल को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में पहुंचा दिया. हरियाणा के करनाल में 13 से 16 नवंबर तक चले इस अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 200 से अधिक प्रतिस्पर्धियों ने हिस्सा लिया. इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा जापान, वियतनाम, हांगकांग, थाईलैंड और मलेशिया के खिलाड़ी भी शामिल हुए. सिंगुर की नेहा बाग ने सीनियर वर्ग की पांच स्पर्धाओं में से चार में स्वर्ण और एक में रजत पदक जीता है. दमदम की पूर्वा दास जूनियर वर्ग में सबसे चमकदार खिलाड़ी साबित हुई. उसने सभी पांच स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किये और चैंपियन राउंड में भी एक और पदक हासिल किया. दोनों ही परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, नेहा के पिता बढ़ई का काम करते हैं और पूर्वा के पिता निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं. आर्थिक संकट के बावजूद दोनों प्रतिभाएं लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतती आ रही हैं. दोनों का लक्ष्य है, ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है. दमदम के बेदियापाड़ा की रहने वाली पूर्वा दास नौवीं कक्षा की छात्रा है. उसने तीन वर्ष की उम्र में योगाभ्यास शुरू किया था और अब तक कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ सिंगापुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी हिस्सा ले चुकी है. पूर्वा ने कहा, हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. पहले मां के गहने बेचकर प्रतियोगिताओं में जाती थी. इस बार वर्ल्ड कप में पांचों स्वर्ण जीतकर बेहद खुशी हुई.

आगे ओलंपिक में खेलना चाहती हूं और पढ़ाई में भी अच्छा करना है.

कोन्नगर के कोच गौरांग सरकार की अपील, सरकारी मदद मिले तो बच्चे और आगे जायेंगे :

दोनों खिलाड़ियों के कोच, कोन्नगर के गौरांग सरकार, ने कहा, नेहा और पूर्वा सहित हमारे कई खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं. इनमें से अधिकांश की पारिवारिक हालत अच्छी नहीं है. देश के भीतर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में दिक्कत नहीं होती है, लेकिन वियतनाम या सिंगापुर जैसे देशों में जाने पर खर्च बहुत बढ़ जाता है. अगर इन्हें सरकारी सहायता मिले तो ये बच्चे अंतरराष्ट्रीय मंच पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

हुगली, हावड़ा, दमदम और बर्दवान के खिलाड़ी भी चमके :

प्रतियोगिता में हावड़ा, हुगली, दमदम और बर्दवान जिलों के खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया. जूनियर और सीनियर मिलाकर बंगाल से कुल 13 खिलाड़ी इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में शामिल हुए थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANDIP TIWARI

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola