बंगाल के स्कूलों में प्रबंधन समितियां भंग, अब पार्ट-टाइम शिक्षकों की सैलरी को लेकर फंसा पेंच

Author Ashish Jha
Updated:
विज्ञापन
बंगाल के स्कूलों में प्रबंधन समितियां भंग, अब पार्ट-टाइम शिक्षकों की सैलरी को लेकर फंसा पेंच

स्कूल टीचर

Bengal School : सैलरी के मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआई) अथवा शिक्षा विभाग से संपर्क किया गया है. शिक्षा विभाग के अनुसार, कुछ स्कूलों ने फिलहाल अंशकालिक शिक्षकों को आंशिक भुगतान करने की पहल भी शुरू कर दी है.

विज्ञापन

कोलकाता से शिव कुमार राउत

Bengal School : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की प्रबंधन समितियों को भंग कर प्रशासकों की नियुक्ति किये जाने का असर अब पार्ट-टाइम शिक्षकों पर पड़ने लगा है. राज्य के कई स्कूलों में प्रशासक वेतन संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से हिचकिचा रहे हैं. ऐसे में 1 जुलाई से इन शिक्षकों का वेतन रुकने की आशंका गहरा गयी है

स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित

जानकारी के अनुसार, पार्ट-टाइम शिक्षकों की नियुक्ति पूर्व में प्रबंधन समितियों के माध्यम से हुई थी. इसी वजह से कुछ प्रशासक नियुक्ति प्रक्रिया की जिम्मेदारी लेने और वेतन स्वीकृति के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से बच रहे हैं. इससे राज्य के अनेक स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है.

कई स्कूलों में एक भी स्थायी शिक्षक नहीं

हुगली के एक उच्च विद्यालय में हायर सेकेंडरी कॉमर्स स्ट्रीम में लगभग 200 छात्र हैं, लेकिन वहां एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है. पूरे विभाग की पढ़ाई पार्ट-टाइम शिक्षकों के भरोसे चल रही है. इसी तरह की स्थिति कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हावड़ा तथा पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई जिलों के स्कूलों में भी देखने को मिल रही है.

चार हजार मानदेय पर काम करते हैं शिक्षक

शिक्षक संगठनों का कहना है कि अंशकालिक शिक्षकों को मात्र दो से चार हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है, लेकिन वे स्थायी शिक्षकों के समान ही पढ़ाने और अन्य शैक्षणिक जिम्मेदारियां निभाते हैं. यदि उनका वेतन बंद हुआ तो आर्थिक मजबूरी के कारण कई शिक्षक काम छोड़ने को विवश हो सकते हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

शिक्षकों को तत्काल हुआ आंशिक भुगतान

स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां बाधित नहीं होने देना चाहती. यदि किसी स्कूल में इस तरह की समस्या सामने आती है तो प्रशासकों को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआई) अथवा शिक्षा विभाग से संपर्क कर समाधान निकालने का निर्देश दिया गया है. विभाग के अनुसार, कुछ स्कूलों ने फिलहाल अंशकालिक शिक्षकों को आंशिक भुगतान करने की पहल भी शुरू कर दी है.

Also Read: पश्चिम बंगाल में दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड का शुभारंभ, पांच मिनट में पहुंचेगी डायल 112 पुलिस

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola