‘ममता नहीं अब मोदी उनके नेता’, TMC के बागी सांसदों पर कल्याण और कीर्ति का हमला

Author Ashish Jha
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‘ममता नहीं अब मोदी उनके नेता’, TMC के बागी सांसदों पर कल्याण और कीर्ति का हमला

पत्रकारों से बात करते कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद.

Bengal News: संवाददाता सम्मेलन के दौरान कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर राय के फैसले की सराहना की, लेकिन पार्टी की दो डॉक्टर सांसदों शार्मिला सरकार और काकोली घोष दस्तीदार पर आरजी कर अस्पताल मामले को लेकर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया.

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कोलकाता से शिव कुमार राउत

Bengal News: तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों पर जोरदार हमला बोला है. मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले सांसदों को “विश्वासघाती” और “गद्दार” करार देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें पार्टी से समस्या है तो वे खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नाम का इस्तेमाल न करें. कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की और जहां पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे. ऐसे सांसद भाजपा का दामन थाम चुके हैं. उन्होंने कहा कि अब उनके नेता ममता बनर्जी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं.

भाजपा में भी गद्दारों के लिए जगह नहीं

कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल छोड़कर भाजपा का समर्थन करने वाले सांसदों को भाजपा भी स्वीकार नहीं करेगी. कल्याण बनर्जी ने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल बदल का प्रावधान स्पष्ट है और यदि इन सांसदों के पास पर्याप्त संख्या है तो वे विलय का रास्ता अपना सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं. इससे सवाल उठता है कि क्या भाजपा भी उन्हें शामिल करने से हिचक रही है.

समर्थन वाला पत्र अब तक सार्वजनिक नहीं

लोकसभा अध्यक्ष को कथित रूप से 20 सांसदों के समर्थन वाला पत्र भेजे जाने के दावे पर भी कल्याण बनर्जी ने सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि 24 घंटे बीत जाने के बावजूद वह पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही उस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों के नाम सामने आये हैं. उन्होंने दावा किया कि सोमवार तक लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में ऐसा कोई पत्र जमा नहीं हुआ था.

डॉ काकोली घोष दस्तीदार पर साधा निशाना

संवाददाता सम्मेलन के दौरान कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर राय के फैसले की सराहना की, लेकिन पार्टी की दो डॉक्टर सांसदों शार्मिला सरकार और काकोली घोष दस्तीदार पर आरजी कर अस्पताल मामले को लेकर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि घटना के समय दोनों नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अब इस मुद्दे को उठा रही हैं.

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बागी सांसद खुद को तृणमूल का सदस्य ना बताएं

कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनमें राजनीतिक नैतिकता है तो वे स्वयं को तृणमूल कांग्रेस का सांसद बताना बंद करें. उन्होंने कहा, जो जाना चाहता है, वह चला जाये. हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कृपया तृणमूल कांग्रेस का नाम अपने साथ जोड़कर न रखें. जनता खुद तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत. तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष और बागी तेवरों के बीच पार्टी नेतृत्व की ओर से यह अब तक का सबसे तीखा सार्वजनिक संदेश माना जा रहा है, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में और हलचल बढ़ने की संभावना है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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