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ग्रामीण घरों में नल-जल कनेक्शन देने में पश्चिम बंगाल सबसे पीछे

Updated at : 08 Sep 2024 1:53 AM (IST)
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ग्रामीण घरों में नल-जल कनेक्शन देने में पश्चिम बंगाल सबसे पीछे

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण इलाकों के 50 फीसदी से अधिक घरों में नल-जल कनेक्शन पूरा हो चुका है. आधिकारिक आंकड़ों के जरिये यह जानकारी दी गयी है.

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केंद्र सरकार ने जारी किया आंकड़ा संवाददाता, कोलकातासभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण इलाकों के 50 फीसदी से अधिक घरों में नल-जल कनेक्शन पूरा हो चुका है. आधिकारिक आंकड़ों के जरिये यह जानकारी दी गयी है. ‘हर घर जल योजना’ के तहत वर्ष के अंत तक सभी ग्रामीण परिवारों को ‘नल-जल कनेक्शन’ उपलब्ध करा दिया जायेगा. बताया गया है कि इस योजना के क्रियान्वयन में पश्चिम बंगाल सबसे पीछे है.

आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सबसे कम 52.30 प्रतिशत कवरेज है. इसके बाद राजस्थान में 52.91 प्रतिशत, केरल में 53.62 प्रतिशत, झारखंड में 54.26 फीसदी और मध्य प्रदेश में 64.84 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है. ‘हर घर जल योजना’ केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन के तहत 2019 में शुरू की गयी थी. इसका उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के प्रतिव्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर ‘नल का जल’ उपलब्ध कराना है. 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका गया है. ग्रामीण घरों में शत-प्रतिशत नल-जल कनेक्शन वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, तेलंगाना, पुडुचेरी, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम हैं. कुल 19.33 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से अब तक 16.09 करोड़ को नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं.

बोले मंत्री पुलक राय- जल्द ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में नल से मिलने लगेगा जल

उधर, राज्य के जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी (पीएचइ) विभाग के मंत्री पुलक राय ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में जल-नल कनेक्शन पहुंचा जायेगा. राज्य सरकार इस योजना के क्रियान्वयन में हर तरह की मदद कर रही है. लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. कई जिलों में यह योजना अंतिम चरण में है. जल्द ही पूरे राज्य भर में यह योजना पूरी कर ली जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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