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जूनियर डॉक्टरों से की काम पर लौटने की अपील

Updated at : 24 Aug 2024 2:07 AM (IST)
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जूनियर डॉक्टरों से की काम पर लौटने की अपील

स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आंदोलनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है.

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बढ़ायी गयी आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे में हो रहा सुधार : स्वास्थ्य सचिव

संवाददाता, कोलकाता

स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने आंदोलनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है. शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आरजी कर मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत की गयी है. अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित की गयी है. बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है, इसलिए स्वास्थ्य सचिव ने आंदोलनकारी डॉक्टरों से मरीज के हितों को ध्यान में रखते हुए जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने के लिए अनुरोध किया है. पर जूनियर डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं.

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने कहा : गत नौ अगस्त की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. राज्य सरकार ने इस घटना की कड़ी आलोचना की. हम इस घटना की उचित जांच के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश के मुताबिक, सीबीआइ ने घटना की जांच अपने हाथ में ले ली है. सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी पहल पर इस मामले की सुनवाई की है. राज्य सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंप चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में सीआइएसएफ जवानों की तैनात की गयी है. राज्य सरकार ने डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की है.

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य वासियों की सुरक्षा के लिए ””रात्रिरेर साथी”” मोबाइल एप को लांच किया गया है. वहीं, आरजी कर में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं. शौचालय की व्यवस्था की गयी है. अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. रात में महिला सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया जा रहा है, इसलिए स्वास्थ्य सचिव ने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है. आंदोलनकारी डॉक्टरों के हड़ताल के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा : जूनियर डॉक्टर्स राज्य के मेडिकल कॉलेजों व अन्य सरकारी अस्पतालों की रीढ़ हैं. वहीं, राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कैंसर, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसे कई चिकित्सा विभाग हैं, जहां फिलहाल सीनियर डॉक्टर ही अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए हम आंदोलनकारी डॉक्टरों से तुरंत काम पर लौटने का अनुरोध करते हैं. इस संदर्भ में स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध के अनुरूप एम्स के डॉक्टर काम पर लौट चुके हैं. ऐसे राज्य के जूनियर डॉक्टर्स भी काम पर लौटें.

ज्ञात हो कि, इससे पहले ही बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य भवन में जाकर बैठक की थी. इस बैठक में जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के प्रिंसिपल, अधीक्षक, एडिशनल सुपर और चेस्ट मेडिसिन विभाग के प्रमुख को हटाने की मांग की थी. स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उनकी मांगों के अनुरूप चारों अधिकारियों को पहले ही हटा दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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