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अवैध पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का एक और सदस्य खुफिया पुलिस के हत्थे चढ़ा

Updated at : 26 Dec 2024 12:20 AM (IST)
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अवैध पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का एक और सदस्य खुफिया पुलिस के हत्थे चढ़ा

कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग की टीम ने फर्जी कागजात तैयार कर बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अवैध पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है.

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कोलकाता. कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग की टीम ने फर्जी कागजात तैयार कर बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अवैध पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये आरोपी का नाम मुख्तार आलम (42) बताया गया है. आलम को उत्तर 24 परगना के दत्तोपुकुर के चोटा जागुलिया इलाके से बुधवार सुबह 5.15 बजे के करीब उसके घर से गिरफ्तार किया गया. आरोपी के घर से बड़ी संख्या में पैन एवं एटीएम कार्ड जब्त किये गये हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि वह अवैध तरीके से पासपोर्ट बनवाने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए इतनी बड़ी संख्या में पैन कार्ड बनाया होगा. मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में पता चला है कि आलम को इससे पहले वर्ष 2021 में आपारधिक मामले में चुंचुड़ा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जमानत पर रिहा होने के बाद वह अवैध क्रियाकलाप से जुड़ गया था. सूत्र बताते हैं कि कोलकाता पुलिस के सिक्योरिटी कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर भवानीपुर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग को सौंपी गयी. जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का गठन किया गया. एसआइटी ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की, तो मुख्तार का नाम सामने आया. जिसके बाद मंगलवार देर रात को पुलिस की एक टीम मुख्तार के घर पहुंची. बुधवार तड़के उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पैन कार्ड में मिले नाम के लोगों तक पहुंचने की कोशिश में है पुलिस मुख्तार के घर से मिले असली पैन कार्ड में जिन लोगों के नाम हैं, वे कौन हैं, कहां रहते हैं? इसका पता लगाने के लिए पुलिस उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. इसके साथ जो एटीएम कार्ड आरोपी के कब्जे से बरामद किये गये हैं, वे किनके हैं? इन एटीएम कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट में कितने रुपये हैं. इसका पता लगाने के साथ जमाराशि फ्रीज करने के लिए बैंकों को पत्र भेजा जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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