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मां से 15 साल छोटे हैं अमर्त्य सेन, उम्र का अंतर देख चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

Updated at : 07 Jan 2026 2:41 PM (IST)
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मां से 15 साल छोटे हैं अमर्त्य सेन, उम्र का अंतर देख चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

Amartya Sen: मंगलवार को तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के दावे को खारिज करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने कहा था कि एसआईआर सुनवाई के संबंध में अमर्त्य सेन के घर कोई नोटिस नहीं भेजा गया है.

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Amartya Sen: कोलकाता. नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजा गया है. चुनाव आयोग ने उनकी उम्र को लेकर संदेह प्रकट किया है. उनकी मां की उम्र से उनकी उम्र का अंतर महज 15 वर्षों का है. इसी बात को लेकर बुधवार की सुबह, बीएलओ (बोर्ड ऑफ लायबिलिटी ऑफिसर) नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य के शांतिनिकेतन स्थित आवास ‘प्रतिची’ गए और उन्हें नोटिस सौंपा. अमर्त्य के रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों ने आरोप लगाया कि यह नोटिस सिर्फ उत्पीड़न के लिए था. मंगलवार को तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के दावे को खारिज करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने कहा था कि एसआईआर सुनवाई के संबंध में अमर्त्य सेन के घर कोई नोटिस नहीं भेजा गया है.

उम्र को लेकर आयोग को संदेह

अर्थशास्त्री के रिश्तेदार शांतभानु सेन ने बताया कि बीएलओ सोमब्रता मुखर्जी बुधवार सुबह अमर्त्य के घर गए. उनके साथ दो अन्य लोग भी थे. शांतभानु सेन ने बताया कि उन्होंने वकील से सलाह मशवरा करने के बाद नोटिस लिया था. नोटिस में कहा गया है कि प्रवासी भारतीय अमर्त्य के जनगणना प्रपत्र में कुछ तथ्यात्मक त्रुटियां हैं. उनके घोषणापत्र के अनुसार, उनके और उनकी माता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष है. यह ‘सामान्यतः अपेक्षित नहीं है. अतः, एसआईआर मतदाता सूची के संदर्भ में दस्तावेजों के माध्यम से मामले को स्पष्ट करना आवश्यक है. इसके लिए 16 जनवरी को दोपहर 12 बजे अमर्त्य के घर पर सुनवाई होगी. सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करने का अनुरोध किया गया है.

परेशान करने का आरोप

बुधवार को अमर्त्य सेन के पारिवारिक स्रोत से जब नोटिस की बात मीडिया तक पहुंची तो तृणमूल कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया दी गयी कि उनका प्रमाण के साथ था. उनके अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद ही सार्वजनिक मंच से इस बात का जिक्र किया था. आयोग इस सच को 24 घंटे भी छिपा नहीं सका. बोलपुर वार्ड 2 के मतदाता अमर्त्य, काम के सिलसिले में साल के अधिकांश समय भारत से बाहर रहते हैं. एसआईआर नोटिस भेजे जाने के बाद शांताभानु ने कहा-हर कोई जानता है कि अमर्त्य सेन कौन हैं. बस एक बूढ़े आदमी को परेशान करने की कोशिश हो रही है. मैं और क्या कह सकता हूँ. मैंने वकील से बात कर ली है और मुझे नोटिस मिल गया है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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