मातृभाषा को लेकर मोहन भागवत के बयान का अग्निमित्रा ने किया समर्थन

Updated at : 25 Feb 2025 1:22 AM (IST)
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मातृभाषा को लेकर मोहन भागवत के बयान का अग्निमित्रा ने किया समर्थन

अगर हमें भारत को शक्तिशाली बनाना है, तो भारत की क्षेत्रीय भाषाओं को शक्तिशाली बनाना होगा.

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कोलकाता. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने सोमवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान कि ‘सभी को अपनी मातृभाषा में बात करनी चाहिए’ पर प्रतिक्रिया दी. इसके अलावा अन्य सवालों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरे लिए आरएसएस के बारे में बोलना ठीक नहीं होगा, लेकिन फिर भी मोहन भागवत ने इस विषय पर जो कहा है, वो सही है. अगर हमें भारत को शक्तिशाली बनाना है, तो भारत की क्षेत्रीय भाषाओं को शक्तिशाली बनाना होगा. आज पीएम मोदी ने बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा में शामिल किया है, ये बहुत गर्व की बात है. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और 10 अन्य लोगों को मोटापे के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए नामित किया. इस पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं. पीएम मोदी अब सिर्फ वैश्विक नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के अभिभावक हैं. एम्स की बात करें, माइक्रोचिप उद्योग की बात करें, कोरोना काल में 56 देशों को वैक्सीन भेजी, स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारतीय महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय बनवाए, ये हैं हमारे प्रधानमंत्री. महाकुंभ को लेकर पहले ममता बनर्जी, फिर लालू प्रसाद यादव और उसके बाद अखिलेश यादव ने विवादित टिप्पणी की? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दरअसल, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, लालू प्रसाद और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता सोचते थे कि हिंदुओं को गाली दो, हिंदू धर्म का अपमान करो तो उनको वोट मिलेगा. तब हिंदू एकजुट नहीं थे, आज हिंदू एकजुट हैं. देश के 140 करोड़ लोगों में से करीब 60 करोड़ लोगों ने कुंभ में डुबकी लगाई है. अखिलेश यादव की पत्नी, टीएमसी के सांसद-विधायक महाकुंभ में डुबकी लगा रहें और बाहर आकर गाली दे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि आज का हिंदू, पहले के हिंदू जैसा नहीं है कि आप एक गाल पर थप्पड़ मारेंगे तो दूसरा गाल आगे कर देंगे. बंगाल के हिंदू नेताजी की संतान हैं. आज आप हाइकोर्ट क्यों आई हैं? इस पर उन्होंने कहा कि ईस्ट कैनिंग में तृणमूल के लोगों ने हमारे कार्यकर्ताओं की जमीन हड़प कर अपना पार्टी कार्यालय बना लिया है. उन्हें और उनके घर की महिलाओं को जान से मारने और छेड़छाड़ करने की धमकी दी है. इस संबंध में हमारे विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर हम तृणमूल के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराने और हमारे कार्यकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हाइकोर्ट आये हैं.

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