विधानसभा में हंगामे के बाद जीपी नड्डा का शुभेंदु को फोन, पूछा : क्या हो रहा है?

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विधानसभा में हंगामे के बाद जीपी नड्डा का शुभेंदु को फोन, पूछा : क्या हो रहा है?

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान गुरुवार को यहां भारी हंगामा हुआ. विधानसभा के मार्शल और सुरक्षाकर्मियों के साथ भाजपा विधायकों की धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई.

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संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान गुरुवार को यहां भारी हंगामा हुआ. विधानसभा के मार्शल और सुरक्षाकर्मियों के साथ भाजपा विधायकों की धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई. इस कारण विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष और विधायक बंकिम घोष घायल हो गये. दोनों को अस्पताल ले जाया गया. इस घटना की सूचना भाजपा के केंद्रीय नेताओं को भी दी गयी. हंगामे की सूचना पाकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को फोन करके विधायकों की स्थिति के बारे में जानकारी ली. सूत्रों के अनुसार, नड्डा ने शुभेंदु से पूछा कि बंगाल विधानसभा में यह क्या हो रहा है. इसके साथ ही उन्होंने घायल विधायकों की तस्वीरें व वीडियो भी भेजने को कहा.

बेरोजगार शिक्षकों ने शुभेंदु से की मुलाकात

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बेरोजगार हुए कुछ योग्य शिक्षकों ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. बेरोजगार शिक्षक सुमन विश्वास के नेतृत्व में यह मुलाकात हुई. सुमन ने शुभेंदु को कहा कि वह एसएससी की नयी भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह से भाग नहीं लेंगे. बेरोजगार शिक्षक सुमन विश्वास ने कहा कि योग्य शिक्षकों के एक वर्ग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी से भी मुलाकात की है और कोर्ट के निर्देश पर होनेवाली परीक्षा और इसकी आवश्यकता के बारे में स्पष्ट जानकारी चाही. नौकरी गंवाये शिक्षक सुमन ने कहा, “अयोग्य लोगों की सूची पहले ही प्रकाशित हो चुकी है. अगर हम इस सूची को अयोग्य मानते हैं, तो बाकी लोग योग्य हैं. फिर वे दोबारा परीक्षा क्यों देंगे? मुख्यमंत्री को इस परीक्षा को स्थगित कर देनी चाहिए. योग्य लोगों की सही सूची प्रकाशित करनी चाहिए. शिक्षाकर्मियों की हालत बहुत खराब है. सुमन ने कहा- हम अब मौत के रास्ते पर हैं. कभी भी कुछ भी हो सकता है. हमने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. यह मुद्दा विधानसभा के आपातकालीन सत्र में क्यों नहीं उठ रहा है? योग्य शिक्षकों ने कोई पाप नहीं किया है. हम प्रशासन से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमारे छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा बुलाकर बैठकर बातचीत करें.

उन्होंने कहा कि एसएससी 2016 के पैनल की परीक्षा नयी नौकरी चाहने वालों के साथ मिलकर ली जा रही है. शिक्षा सचिव विनोद कुमार चाहते थे कि चयन प्रक्रिया केवल 2016 के योग्य उम्मीदवारों के बीच ही हो. उन्होंने आरोप लगाया, “दरअसल, पुराने और नये आवेदकों को मिलाकर परीक्षा लेना 2026 के चुनावी दहलीज को पार करने की कोशिश मात्र है. उधर, शुभेंदु ने कहा कि वह बेरोजगार शिक्षकों के संबंध में विधानसभा में चर्चा करना चाहते थे, पर उन्हें इसके लिए स्पीकर ने अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार आती है तो वे योग्य शिक्षकों की सूची लेकर सुप्रीम कोर्ट जायेंगे.

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