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वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारी कर रहे रिगिंग

Updated at : 31 Jul 2025 1:41 AM (IST)
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वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारी कर रहे रिगिंग

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य निर्वाचन आयोग के एक पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटर बनाये जा रहे हैं

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संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य निर्वाचन आयोग के एक पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटर बनाये जा रहे हैं और सबसे आश्चर्य की बात है कि इस कार्य में डब्ल्यूबीसीएस स्तर के अधिकारी तक शामिल हैं. शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि स्वयं चुनाव आयोग ने दो अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में ही तृणमूल कांग्रेस सरकार के प्रशासनिक अधिकारी रिगिंग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस जांच से पता चलता है कि फॉर्म छह के जरिये वोटर एक्ट 1960 का बड़े पैमाने पर उल्लंघन कर उचित सत्यापन के बिना आवेदन स्वीकार किये गये, जिसकी वजह से फर्जी वोटर लिस्ट में आये. भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि बीडीओ दफ्तरों में तैनात ओसी चुनाव और संविदा पर नियुक्त किये गये डेटा एंट्री ऑपरेटर फॉर्म छह, सात और आठ को दर्ज करने के काम में शामिल रहे हैं. उन्होंने इसकी जांच की मांग की है. श्री अधिकारी ने कहा कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) को जारी यह नवीनतम ज्ञापन लोकतंत्र के साथ एक घिनौनी धोखाधड़ी को उजागर करता है. नमूना जांच से पता चलता है कि फॉर्म छह के निबटान में मतदाता अधिनियम, 1960 का उल्लंघन हुआ है, जिसमें बिना उचित सत्यापन के आवेदन स्वीकार करना भी शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप फर्जी मतदाता प्रविष्टियां हुईं.

बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने तत्काल दस्तावेज एकत्र किये और इआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, जो पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी हैं) ने बीडीओ कार्यालयों में एइआरओ/ओसी चुनाव/कैजुअल डेटा एंट्री ऑपरेटरों को अनधिकृत पहुंच प्रदान करने की बात स्वीकार की, जिन्होंने फॉर्म छह आवेदनों का निबटान किया. विपक्ष के नेता ने कहा कि बीडीओ कार्यालयों में तैनात ओसी चुनाव और कैजुअल/दैनिक वेतनभोगी संविदा डेटा एंट्री ऑपरेटर फॉर्म छह, सात, आठ या अन्य निबटान कार्यों में शामिल रहे हैं. मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ना और लापरवाही से डेटा एंट्री ऑपरेटरों द्वारा अनधिकृत हस्तक्षेप, ममता बनर्जी के शासन में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है. बूथ स्तर के अधिकारियों पर रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का दबाव, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची से जुड़े काम अयोग्य लोगों को सौंपना, निष्पक्ष चुनाव में भाग लेने के प्रत्येक नागरिक के अधिकार पर हमला है.

आयोग से की घटना की पूरी जांच करने की मांग

शुभेंदु अधिकारी ने घटना की तत्काल जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में हेराफेरी कर रही है. अब समय आ गया है कि सब कुछ व्यवस्थित किया जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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