अफरीदा अब दे सकेंगी 12वीं की परीक्षा, अभिषेक बनर्जी की पहल से मिला एडमिट कार्ड

Author Ashish Jha
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Abhishek Banerjee: स्कूल ने बुधवार को परीक्षा देने के लिए आवेदन किया. पर्यवेक्षक ने आवश्यक शुल्क का भी इंतजाम किया. अफरीदा को शाम तक एडमिट कार्ड मिल गया. वह 12 फरवरी को परीक्षा देगी. अफरीदा ने सांसद अभिषेक बनर्जी समेत सभी को मदद के लिए धन्यवाद दिया.

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Abhishek Banerjee: कोलकाता : डायमंड हार्बर स्थित नेत्र हाई स्कूल की छात्रा अफरीदा खातून को उच्च माध्यमिक की परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गयी है. परीक्षा का पंजीयन नहीं कराने के कारण अफरीदा का एडमिट कार्ड नहीं आया था. वह अपने कैंसर पीड़ित रिश्तेदार के इलाज के लिए दूसरे राज्य महाराष्ट्र गई थीं. इसी बीच बंगाल में उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा का पंजीयन हो गया. नतीजतन, डायमंड हार्बर स्थित नेत्र हाई स्कूल की छात्रा अफरीदा खातून को वार्षिक परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड नहीं मिला. एक साल बर्बाद होने के कारण अफरीदा उदास और निराश हो गयी थी. अंततः सांसद अभिषेक बनर्जी की पहल से उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर मिला.

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मामले की जानकारी मिलते ही सांसद ने की पहल

अफरीदा नासकरपारा इलाके की निवासी हैं. उनके पिता नूरुलहुदा का निधन लगभग चौदह वर्ष पहले हो गया था. उनकी मां सहाना बीबी एक गृहस्थी में काम करती हैं और परिवार का भरण-पोषण करती हैं. लगभग पांच महीने पहले, अफरीदा को कैंसर से पीड़ित अपनी चाची के इलाज के लिए मुंबई जाना पड़ा था. वह मंगलवार रात घर लौटीं. बुधवार को स्कूल जाने और हाजिरी न लगाने पर वह फूट-फूटकर रोने लगीं. पंजीयन नहीं होने के कारण उसका एडमिट कार्ड नहीं आया था. डायमंड हार्बर विधानसभा के पर्यवेक्षक शमीम अहमद को इस बात की जानकारी मिली. उन्होंने तुरंत सांसद अभिषेक बनर्जी को सूचना दी. मामले की जानकारी मिलते ही अभिषेक बनर्जी ने उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद से संपर्क किया. सांसद के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई की गई.

सबको धन्यवाद दे रही अफरीदा

स्कूल ने बुधवार को परीक्षा देने के लिए आवेदन किया. पर्यवेक्षक ने आवश्यक शुल्क का भी इंतजाम किया. अफरीदा को शाम तक एडमिट कार्ड मिल गया. वह 12 फरवरी को परीक्षा देगी. उच्च माध्यमिक परीक्षार्थी ने सांसद अभिषेक बनर्जी समेत सभी को मदद के लिए धन्यवाद दिया. नेत्र हाई स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुजीत घोष ने स्थानीय मीडिया से कहा- उसकी चाची को कैंसर था और इसी कारण वो मुंबई गई थीं. इसी बीच परीक्षा के लिए पंजीकरण हो गया. बाद में अभिषेक बनर्जी से संपर्क किया गया. परीक्षार्थी अफरीदा खातून ने कहा- सर को बहुत-बहुत धन्यवाद. उन्होंने मेरी समस्या का समाधान किया. मेरा साल बर्बाद होने से बच गया. स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी बहुत कोशिश की, ताकि मैं परीक्षा दे सकूं, लेकिन मैं उनसे संपर्क नहीं कर पाई. मैं बस परीक्षा देना चाहती थी. फिर अभिषेक बनर्जी की वजह से ही मैं परीक्षा दे पाई.

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