हम विकास के मुद्दे पर लड़ेंगे चुनाव : अरूप राय
Author Prabhat khabar digital desk
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हावड़ा : धीर, गंभीर और मृदुभाषी अरूप राय ने अपने जीवन में कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से पार्टी सुप्रिमो ममता बनर्जी ने उन्हें हर मोर्चे पर आजमाया और उसका बेहतर परिणाम मिला. इस बार मुख्यमंत्री ने हावड़ा नगर निगम चुनाव का पूरा दायित्व उन्हें दिया […]
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हावड़ा : धीर, गंभीर और मृदुभाषी अरूप राय ने अपने जीवन में कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से पार्टी सुप्रिमो ममता बनर्जी ने उन्हें हर मोर्चे पर आजमाया और उसका बेहतर परिणाम मिला. इस बार मुख्यमंत्री ने हावड़ा नगर निगम चुनाव का पूरा दायित्व उन्हें दिया है. शहर में चर्चा का बाजार गर्म है कि इस बार अरूप राय को हावड़ा के मेयर के रूप में तृणमूल कांग्रेस प्रोजेक्ट करने वाली है.
प्रश्न : हावड़ा नगर निगम के चुनाव को लेकर आपकी पार्टी क्या सोच रही.
उत्तर : 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से ही दीदी ने कई बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी. जिले में लोकसभा के साथ कई विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी मुझे मिली. पार्टी का जिला अध्यक्ष होने के नाते मिले हर दायित्व को मैंने ईमानदारी से निभाया, लेकिन राजनीति में हर दिन कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है. आगे भी इसी तरह से सीखते हुए आगे बढ़ना है.
प्रश्न : क्या नगर निगम चुनाव के लिए पार्टी तैयार है ?
उत्तर : तृणमूल कांग्रेस वर्ष भर कार्य करती है. मैं और पार्टी के लोग जनता के बीच जाते हैं. ऐसे में नगर निगम चुनाव के लिए हम हमेशा तैयार हैं.
प्रश्न : क्या प्रत्याशियों की सूची तैयार हो चुकी है ?
उत्तर : वर्तमान में प्रत्याशियों का बॉयोडेटा लिया जा रहा है. हालांकि यह अंतिम दौर में है. स्क्रूटनी के बाद सूची के साथ बॉयोडेटा हाईकमान के पास भेजा जायेगा.
प्रश्न : हावड़ा के मेयर के रूप में आप का नाम आ रहा है?
उत्तर : मुझे नहीं मालूम, लेकिन मैं यह जानता हूं कि हमारी नेता जो कहेंगी, उसको मानना हमारा कर्तव्य है.
प्रश्न : चुनाव में आप जनता के पास किन मुद्दों को लेकर जायेंगे ?
उत्तर : हावड़ा में तमिल, तेलुगु, मराठी, पंजाबी, राजस्थानी, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के लोग निवास करते हैं. मुख्यमंत्री ने हावड़ा के लिए काफी कार्य किये हैं. उन्होंने अपनी सरकार के लिए हावड़ा को सचिवालय के रूप में चुना. राजधानी जैसा सम्मान पाने के बाद जिले को सुंदर रूप से सजाया गया है. हाल ही में शहर को वैट मुक्त करने की एक योजना शुरू हुई है. हम विकास के मुद्दे पर जनता के पास जाने वाले हैं.
प्रश्न : हावड़ा हिंदी भाषी बाहुल्य शहर है. ऐसे में आप उन्हें कैसे लुभानेवाले हैं?
उत्तर : हावड़ा के हिंदीभाषियों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा उपहार हिंदी विश्वविद्यालय है. हिंदीभाषी इलाकों में हमारे बोर्ड ने काफी काम किये.
प्रश्न : एचएमसी के पिछले बोर्ड के दौरान रहे पार्षदों में असमंजस की स्थिति है, क्या कुछ के टिकट कटेंगे?
उत्तर : मैंने पहले ही कहा कि टिकट बंटवारे में हम ऐसे लोगों को प्राथमिकता देंगे, जिन्होंने जनता के लिए अच्छे कार्य किये हैं. पार्षदों के पिछले कार्यों की समीक्षा होगी, जिनका कार्य अच्छा नहीं रहा है. उनका टिकट कट सकता है.
प्रश्न : आपको क्या लगता है चुनाव कब होगा ?
उत्तर : मुझे लगता है कि 15 अप्रैल को हावड़ा नगर निगम का चुनाव हो सकता है.
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