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एयरपोर्ट पर सिरदर्द बना मोबाइल का ''पावर बैंक''

Updated at : 20 Feb 2020 1:09 AM (IST)
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एयरपोर्ट पर सिरदर्द बना मोबाइल का ''पावर बैंक''

विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों को हो रही परेशानी कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इन दिनों मोबाइल का पावर बैंक सिरदर्द बन गया है. पिछले दो दिनों से विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के लिए इन-लाइन-बैगेज सिस्टम में स्क्रीनिंग के दौरान बैग में मोबाइल का ‘पावर बैंक’ पाये जाने से समस्याएं हो रही हैं, […]

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विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों को हो रही परेशानी

कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इन दिनों मोबाइल का पावर बैंक सिरदर्द बन गया है. पिछले दो दिनों से विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के लिए इन-लाइन-बैगेज सिस्टम में स्क्रीनिंग के दौरान बैग में मोबाइल का ‘पावर बैंक’ पाये जाने से समस्याएं हो रही हैं, जो कि एयरलाइंस सहित उनके कर्मचारियों को अधिक परेशानी हो रही है. उन्हें फिर से बैग से निकाल कर यात्रियों को सौंपने पड़ रहे हैं. इस प्रक्रिया में समय लगने से दो दिनों में कई बार कई विमानों ने विलंब से उड़ान भरी.
एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि कुछ यात्रियों की लापरवाही के कारण ऐसी परेशानी हो रही है. कई बार विलंब की वजह से ऐसे सामान वाले बैग एयरपोर्ट पर छूट गये, तो दूसरे फ्लाइट से उक्त सामान को हटा कर भेजा गया.
कभी चार्जर, तो कभी पावर बैंक
हाल ही में कोलकाता एयरपोर्ट पर दो दिनों में किसी यात्री के लगेज बैग में मोबाइल का पावर बैंक, तो किसी के लगेज बैग में चार्जर पाये गये. कई मामलों में यात्री बोर्डिंग गेट के पास पहुंच चुका था तो कई मामलों में यात्री फ्लाइट में भी बैठ चुका था. ऐसे मामलों में यात्रियों को बुला कर उनके बैग खुलवा कर पावर बैंक निकाल कर उन्हें वापस हैंड बैग में दिया गया.
क्या कहता है नियम
एयरलाइंस के एक अधिकारी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नियम के मुताबिक फ्लाइट में, जिस हिस्से में लगेज बैग व बड़े बैग रखे जाते हैं. वहां पर मोबाइल का पावर बैंक या मोबाइल का चार्जर समेत अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक सामानों को रखना निषेध है. यहां तक कि टिकटों व वेबसाइटों पर भी इस संबंध में जानकारी दी गयी है कि कौन-कौन सी चीज नहीं ले जा सकते हैं, जिसमें पावर बैंक, मोबाइल चार्जर समेत कई शामिल हैं.
परेशानी की क्या है वजह
इन-लाइन-बैगेज सिस्टम चालू होने से पूर्व यात्री टर्मिनल में प्रवेश कर पहले चेक इन काउंटर में बैग एक्स-रे करवाते थे. उसमें पावर बैंक अथवा चार्जर पाये जाने पर उसे निकाल कर यात्री को हैंड बैग में रखने के लिए सौंप दिया जाता था. यात्रियों को सतर्क भी कर दिया जाता था, ताकि अगली बार से वे बड़े लगेज अथवा बड़े बैग में ऐसा सामान न रखे.
अभी यात्री टर्मिनल में प्रवेश कर चेक-इन-काउंटर में अपना बड़ा बैग देकर हैंड बैग को लेकर कनवे बेल्ट में एक्स रे मशीन से चेकिंग करा कर बोर्डिंग गेट तक पहुंच जा रहे हैं. ऐसे में बाद में उनके बड़े लगेज बैग में चार्जर या पावर बैंक पाये जाने पर यात्री को बुलाना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
हां, ऐसी समस्या है, लेकिन ज्यादा नहीं है. एक प्रतिशत ऐसे मामले पाये जा रहे हैं. इन-लाइन-बैगेज सिस्टम में ऐसी समस्याएं होती हैं, लेकिन उसके बावजूद एयरलाइंसवालों को कहा गया है कि वे यात्रियों को विशेष कर इस बारे में बताये, ताकि ऐसा न हो. कई बार यात्री कह देते हैं कि उनके लगेज बैग में ऐसा कोई सामान नहीं है, लेकिन बाद में पाये जाते हैं तो यात्रियों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए. उसे हैंड बैग में रखे, ताकि दिक्कतें न हों.
कौशिक भट्टाचार्य, निदेशक, कोलकाता एयरपोर्ट
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