गंगासागर : नौ के बदले चुकाने पड़ रहे 40 रुपये
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2020 7:02 AM
विज्ञापन
शिव राउत, सागरद्वीप : आम दिनों में लॉट नंबर आठ से कचुबेड़िया तक जहाज का किराया नौ रुपये होता है, लेकिन गंगासागर मेले के दौरान यह बढ़कर 40 रुपये हो गया है. किराया वृद्धि से तीर्थयात्री परेशान हैं. साल के बाकी 51 हफ्ते लॉट नंबर 8 और कचुबेड़िया के बीच महज छह से सात वेसेल […]
विज्ञापन
शिव राउत, सागरद्वीप : आम दिनों में लॉट नंबर आठ से कचुबेड़िया तक जहाज का किराया नौ रुपये होता है, लेकिन गंगासागर मेले के दौरान यह बढ़कर 40 रुपये हो गया है. किराया वृद्धि से तीर्थयात्री परेशान हैं. साल के बाकी 51 हफ्ते लॉट नंबर 8 और कचुबेड़िया के बीच महज छह से सात वेसेल (जहाज) ही चलते हैं, लेकिन मेला के दौरान अधिक वेसेल होने के बावजूद किराया अत्यधिक है.
अपने पूरे परिवार के संग गंगासागर स्नान के लिए आये अनिमेष घोष का कहना है कि प्रति व्यक्ति वेसेल का किराया 40 रुपये है, जो बहुत ही अधिक है. इस बारे में जिला प्रशासन का कहना है कि पिछले कई वर्षों से सरकार पुण्यार्थियों से तीर्थयात्रा कर नहीं ले रही है. इसलिए मेले के दौरान किराया बढ़ा दिया जाता है. हालांकि 2015 में किराया 60 रुपये था, जबकि आम दिनों में वेसेल का किराया नौ रुपये ही होता है.
हर साल लाखों श्रद्धालु मुड़ीगंगा को वेसेल से पार करते हुए गंगासागर पहुंचते हैं. इस बार संक्रांति मेले के अवसर पर दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की ओर तीर्थयात्रियों के लिए नौ से 17 जनवरी तक 32 वेसेल की व्यवस्था की गयी है, लेकिन आम दिनों में इसकी संख्या काफी कम रहती, जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता है.
इस बारे में स्थानीय निवासी समरेश का कहना है कि गंगासागर अब पहले जैसा नहीं रह गया है. यहां साल भर देश भर से तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है. वेसेल की संख्या कम होने के कारण गंगासागर पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. उस पर ज्वार-भाटे का भी चक्कर है. भाटा पड़ जाने पर कई घंटे वेसेल सेवा बंद रहती है.
गौरतलब है कि गंगासागर की आबादी 1,60,000 को पार कर गयी है. 224.3 किलोमीटर के दायरे में फैले इस सागरद्वीप में 43 गांव हैं.
वहीं, नीका थाना निवासी सजल जाना का कहना है कि गंगासागर अस्पताल से कई बार मरीजों को डायमंड हार्बर या कोलकाता रेफर किया जाता है, लेकिन भाटा के दौरान मुड़ी गंगा में वेसेल नहीं चल पाता है. समय पर नदी नहीं पार कर पाने की वजह से कुछ मरीजों की मौत भी हो चुकी है.
इतना ही नहीं यहां के लोगों को अन्य काम के लिए भी अक्सर नदी पार कर कोलकाता आना पड़ता है. वेसेल की कमी के कारण उनका काफी समय जेटी पर ही बीत जाता है. ऐसे में वेसेल की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए या फिर यात्रियों की तादाद के हिसाब से उन्हें चलना चाहिए.
क्या कहना है वेसेल चालकों का
वेसेल चालक तापस जेना ने बताया कि आम दिनों में कचुबेड़िया से लॉट नंबर 8 के लिए पहला वेसेल सुबह 6 बजे छूटता है. कचुबेड़िया से रात 8 बजे और लॉट नंबर 8 से अंतिम वेसेल रात 9 बजे छूटता है, हालांकि ज्वार-भाटे के मुताबिक समय सारिणी में बदलाव होते रहता है. दोपहर के समय वेसेल सेवा का अंतराल बढ़ कर डेढ़ घंटे का हो जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










