नागरिकता कानून पर युवाओं को किया जा रहा है गुमराह: प्रधानमंत्री
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Jan 2020 4:02 AM (IST)
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हावड़ा/कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा शक्ति ही भारत को बदलने और संकल्पों को पूरा करने का आधार है, मगर संशोधित नागरिकता कानून पर युवाओं के एक वर्ग को गुमराह किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने सीएए का मजबूती से बचाव करते हुए युवाओं से बहकावे में नहीं आने का आह्वान किया. […]
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हावड़ा/कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा शक्ति ही भारत को बदलने और संकल्पों को पूरा करने का आधार है, मगर संशोधित नागरिकता कानून पर युवाओं के एक वर्ग को गुमराह किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने सीएए का मजबूती से बचाव करते हुए युवाओं से बहकावे में नहीं आने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस पर पैदा हुए विवाद ने दुनिया को पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के दमन की हकीकत दिखा दी है.
रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय, बेलूड़ मठ में उन्होंने विश्वास दिलाया कि संशोधित कानून किसी की नागरिकता छीनेगा नहीं, बल्कि देगा. यह नागरिकता देने के लिए रातों-रात बना कानून नहीं है. इस कानून में प्रावधान है कि दुनिया के किसी भी देश का, किसी भी धर्म का कोई व्यक्ति, जो भारत व उसके संविधान में यकीन रखता है, वह उचित प्रक्रिया से देश की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है.
महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि राष्ट्रपिता ने भी धार्मिक प्रताड़ना के कारण यहां आने वाले लोगों को नागरिकता देने का पक्ष लिया था. इसलिए हमने स्वतंत्रता सेनानियों की इच्छाओं को पूरा करने का कार्य किया है.
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सीएए किसी की नागरिकता छीनने के बारे में नहीं है, यह नागरिकता देने के लिए है. आज, राष्ट्रीय युवा दिवस पर, मैं भारत, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के युवाओं को यह बताना चाहता हूं कि यह नागरिकता देने के लिए रातों-रात बना कानून नहीं है.
हम सभी को यह पता होना चाहिए कि दबेलूड़ मठ के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (केपीटी) के 150 वर्ष पूरे होने पर नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे. यहां राज्य सरकार पर करारा हमला बोलते उन्होंने कहा कि बंगाल के नीति निर्धारकों को भगवान सद्बुद्धि दे ताकि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएमकेएसएन) जैसी योजनाओं को राज्य में लागू किया जा सके,
ताकि लाखों मरीजों और किसानों को फायदा पहुंच सके. पीएम ने व्यंग्य करते हुए कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिये पैसा सीधे लाभान्वितों के खाते मे पहुंचता है, फिर ऐसी योजनाओं को, जिसमें कोई ‘कट’ नहीं, ‘सिंडिकेट’ नहीं, भला कोई क्यों लागू करे?
प्रधानमंत्री का कहना था कि आयुष्मान भारत के जरिये अब तक देश के 75 लाख से अधिक लोग गंभीर बीमारियों का उपचार अस्पताल में करा चुके हैं, जबकि आठ करोड़ किसानों को पीएमकेएसएन से फायदा मिल चुका है. लेकिन अगर राज्य सरकार इसकी अनुमति नहीं देती तो वह बंगाल की जनता के मिजाज से वाकिफ हैं.
जनता अपना अधिकार हासिल कर लेगी.
मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 2021 तक गंगा में बड़े जहाज चल सकेंगे. इसके लिए नदी की गहराई बढ़ाने का काम किया जा रहा है. जलसंपदा पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है.
देश में मौजूद 150 क्रूज को बढ़ाकर 1000 किया जायेगा. विभिन्न परिवहन उपायों का समन्वय किया जा रहा है. परिवहन को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. उत्तर पूर्व को जोड़ने का कार्य देश के इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ में शामिल होगा. उन्होंने केपीटी का नाम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट करने की भी घोषणा की.
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