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गरीबी से एक और श्रमिक की मौत, इलाज कराने के नहीं थे पैसे

Updated at : 10 Dec 2019 2:38 AM (IST)
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गरीबी से एक और श्रमिक की मौत, इलाज कराने के नहीं थे पैसे

कोलकाता : कालचीनी प्रशासन के लाख दावों के बावजूद डुआर्स के बंद चाय बगानों में ईलाज न कर पाने के कारण चाय श्रमिकों की मौत हो रही है. एक और चाय श्रमिक की मौत पैसे न होने के वजह से इलाज न कर पाने के कारण हो गयी. घटना अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी प्रखंड स्थित […]

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कोलकाता : कालचीनी प्रशासन के लाख दावों के बावजूद डुआर्स के बंद चाय बगानों में ईलाज न कर पाने के कारण चाय श्रमिकों की मौत हो रही है. एक और चाय श्रमिक की मौत पैसे न होने के वजह से इलाज न कर पाने के कारण हो गयी. घटना अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी प्रखंड स्थित बंद कालचीनी चाय बागान की है.

जानकारी के अनुसार प्रखंड में स्थित द बाक्सा डुआर्स टी कंपनी लिमिटेड के अधीन कालचीनी चाय बागान लगभग डेढ़ महीने से बंद है. इसके फलस्वरूप यहां के श्रमिकों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है. किसी तरह यहां के श्रमिक दिन दिहाड़ी का काम करके अपना दिन गुजारा कर रहे हैं. सोमवार सुबह 7 बजे बागान के मस्जिद लाईन इलाके के निवासी श्रमिक दिवारी मुंडा की मौत हो गयी. परिवार वालों का कहना है कि बिगत कुछ दिनों दिनों से वे बीमार थे. पैसे न होने की वजह से उन्हें अस्प्ताल नहीं ले जायस जा सका.
ईलाज के अभाव में घर पर ही उनकी मौत हो गयी. मृतक श्रमिक की पत्नी तासिया मुंडा कहती है कि मैं किसी तरह बागान में काम करके अपने परिवार का गुजारा किया करती थी, लेकिन विगत डेढ महीने से बागान का मालिक बागान बंद करके चला गया. इसी बीच मेरा पति बीमार पड़ गया. हमारे पास अस्पताल तक ले जाने के पैसे नहीं थे, जिसके कारण आज उनकी मौत हो गयी.
मृतक की बेटी नैना मुंडा ने बताया कि शादी के बाद वो अपने पति के साथ बाहर रहा करती थी, लेकिन बागान बंद होने पर वो माता-पिता के पास चली आयी. यहां दिन दिहाड़ी का काम करके किसी तरह माता-पिता के लिए रोटी का जुगाड़ कर रही है. हालांकि इतना पैसा नहीं जमा कर पायी कि पिता को अस्पताल ले जा सकती.
स्थानीय निवासी जिमरती मिया ने बताया कि बागान बंद होने के कारण यहां के श्रमिकों की परिस्थिति बेहद खराब हो चुकी है. उन्होंने कहा कि बागान बंद होने के बाद प्रशासन की ओर से आश्वासन तो मिला था कि ईलाज की सुविधा मिलेगी, लेकिन अब तक मेडिकल कैंप की व्यवस्था नहीं हुई है. बंद चाय बगानों में श्रमिक मरते जाएंगे, इन्हें देखने वाला कोई नहीं है.
कालचीनी प्रखंड अधिकारी भूषण शेरपा से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य साथी कार्ड द्वारा नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है. चाय बागानों में सचेतना शिविर लगाया जा रहा है. बंद चाय बागानों में मेडिकल कैंप किया जा रहा है. बंद कालचीनी चाय बागान में भी इसी सप्ताह मेडिकल कैंप की व्यवस्था की जायेगी.
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