डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा आइडी अस्पताल

Updated at : 21 Aug 2019 4:03 AM (IST)
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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा आइडी अस्पताल

डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का होता है इलाज कोलकाता :महानगर समेत राज्यभर में डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. सबसे खराब हालत उत्तर 24 परगना जिले की हैं. जिले के हाबरा, देगंगा, अशोकनगर समेत अन्य इलाकोें में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में डेंगू से तीन […]

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डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का होता है इलाज

कोलकाता :महानगर समेत राज्यभर में डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. सबसे खराब हालत उत्तर 24 परगना जिले की हैं. जिले के हाबरा, देगंगा, अशोकनगर समेत अन्य इलाकोें में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में डेंगू से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं. डेंगू के डंक से महानगर के लोग भी बीमार पड़ रहे हैं. कोलकाता नगर निगम के अनुसार 300 से अधिक लोग इस बीमारी के चपेट में आ चुके हैं.
डेंगू के इस प्रकोप के बीच बेलियाघाटा स्थित आइडी हॉस्पिटल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है. ज्ञात हो कि डेंगू और डायरिया के साथ अन्य संक्रामक बिमारियों का इलाज इस अस्पताल में किया जाता है. कलकत्ता स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के बाद यह राज्य का दूसरा ऐसा अस्पताल है, जहां सिर्फ संक्रामक बीमारियों का ही इलाज होता है लेकिन इन दिनों आइडी हॉस्पिटल में एक भी प्रोफेसर डॉक्टर नहीं है. अस्पताल में जनरल मेडिसीन, पेडियॉट्रिक मेडिसीन, कम्यूनिटी मेडिसीन, रेडियोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी विभाग हैं.
अस्पताल प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार केवल माइक्रोबायोलॉजी को छोड़ कर अन्य सभी विभाग में प्रोफेसर डॉक्टरों के सभी पद रिक्त पड़े हुए हैं. प्रबंधन के अनुसार हर विभाग में मरीज की चिकित्सका के लिए चार से पांच शिक्षक चिकित्सकों की आवश्यकता है लेकिन प्रोफेसर डॉक्टरों के नहीं होने से डेंगू के इस मौसम में मरीजों के इलाज में प्रबंधन के पसीने छूट रहे हैं.
जूनियर डॉक्टरों पर दारोमदार
सीनियर डॉक्टरों के नहीं होने के कारण अस्पताल में तीन वर्षों के लिए अस्थायी रूप से रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) स्तर के कुछ जूनियर डॉक्टरों को नियुक्ति किया गया है. वहीं प्रोफेसर डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए प्रबंधन की ओर से कई बार राज्य के स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी लिखा गया है लेकिन अब तक चिकित्सकों को नियुक्ति नहीं हुई है. उधर, अस्पताल में मेडिकल ऑफिसरों (एमओ) की भी कमी है. 30 में मात्र 18 आरएमओ ही सेवा दे रहे हैं बाकी पद रिक्त पड़े हुए हैं.
डेंगू के 25 मरीज अस्पताल में
जानकारी के अनुसार मंगलवार तक अस्पताल में डेंगू पीड़ित 25 मरीजों की चिकित्सा चल रही है. इसमें से अधिकांश मरीज को हाबरा, अशोकनगर एवं उत्तर 24 परगना जिले के अन्य इलाकों से यहां रेफर किये गये हैं. वहीं कोलकाता के टेंगरा, गार्डेनरीच और बागुइहाटी इलाके के मरीज भी यहां भर्ती हैं. सोमवार को डेंगू से ग्रसित तीन मरीजों को दाखिल कराया गया. सभी की हालत स्थिर बनी हुई है.
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