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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के लिए कदम उठाये केंद्र सरकार

Updated at : 25 Jul 2019 2:06 AM (IST)
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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के लिए कदम उठाये केंद्र सरकार

चर्चा : तृणमूल कांग्रेस सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पीएम से मिला कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के लिए कदम उठाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को इस सिलसिले में एक ज्ञापन सौंपा. लोकसभा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय […]

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चर्चा : तृणमूल कांग्रेस सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पीएम से मिला

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के लिए कदम उठाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को इस सिलसिले में एक ज्ञापन सौंपा.
लोकसभा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल का नाम ‘बांग्ला’ करने के लिए विधेयक लेकर आयें. राज्य का नाम बदलने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गये सभी पत्र भी उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपे. प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के समक्ष सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के मुद्दे को भी उठाया. राज्यसभा सदस्य सुखेंदू शेखर राय ने भी बुधवार को शून्यकाल के दौरान राज्य का नाम बदलने के मुद्दे को उठाया.
उन्होंने कहा, ‘कोई भी भौगोलिक क्षेत्र कभी भी पूर्वी बंगाल के नाम से नहीं जाना जाता था.’ उन्होंने कहा, ‘बांग्ला शब्द या बांग्ला क्षेत्र समझा जाता है कि बंगा से निकला है. यह द्रविड़ जनजाति थी जो एक हजार ईसा पूर्व क्षेत्र में बस गयी थी.’ पश्चिम बंगाल विधानसभा ने जुलाई 2018 में प्रस्ताव पारित कर अनुशंसा की थी कि राज्य का नाम ‘बांग्ला’ किया जाये.
प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के अलावा डेरेक ओ ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, सुखेंदू शेखर राय, सौगत राय, काकोली घोष दस्तीदार, कल्याण बनर्जी, महुआ मैत्र व अन्य शामिल थे. सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा : प्रधानमंत्री से मिलकर हमने चालू सत्र में कानून में बदलाव कर राज्य का नाम ‘बांग्ला’ करने की मांग की है.
राज्य का यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास काफी दिन से लंबित पड़ा हुआ है. यह जानकारी भी उन्हें दी गयी है. प्रधानमंत्री ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना है. हमें आशा है कि वे हमारी इस मांग पर गौर करेंगे. वहीं भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने तृणमूल सांसदों की इस मांग की निंदा की है. उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बंगाल के इतिहास को बदलने की कोशिश कर रही है. हम इसकी घोर निंदा करते हैं. हमारा विश्वास है कि केंद्र सरकार इस मांग को खारिज करेगी.
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