कोलकाता : आमलोगों की खास ट्रेन बनी अंत्योदय एक्सप्रेस

Updated at : 05 Feb 2019 4:13 AM (IST)
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कोलकाता : आमलोगों की खास ट्रेन बनी अंत्योदय एक्सप्रेस

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : किसी भी ट्रेन की जनरल क्लास की बोगी का ख्याल आते ही आम तौर पर ऐसा दृश्य जेहन में आता है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की अंत्योदय एक्सप्रेस ने ट्रेनों के जनरल श्रेणी की बोगियों की तस्वीर बदल कर रख दी है. तत्कालिक रेलमंत्री सुरेश […]

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श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : किसी भी ट्रेन की जनरल क्लास की बोगी का ख्याल आते ही आम तौर पर ऐसा दृश्य जेहन में आता है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की अंत्योदय एक्सप्रेस ने ट्रेनों के जनरल श्रेणी की बोगियों की तस्वीर बदल कर रख दी है.

तत्कालिक रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 2017 मार्च में अंत्योदय एक्सप्रेस की शुरुआत की थी, बिल्कुल नयी श्रेणी की इन ट्रेनों में कई सुविधाएं दी गयी हैं, जिनमें सामान रखने के लिए गद्दीदार रैक, पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, मॉड्यूलर शौचालय, शौचालय इस्तेमाल होने की जानकारी देने वाला डिस्प्ले, एलईडी लाइट शामिल हैं. उ

क्त सुविधाओं से लैस दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा शुरू की गयी हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस आरामदायक और सुरक्षित तो है ही. साथ ही इसने गरीबों के सम्मान के साथ कम किराये में यात्रा करने का आवसर भी प्रदान किया है.

हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस जहां गरीब लोगों को सम्मान से यात्रा करने का अवसर प्रदान किया है वहीं यह दक्षिण पूर्व रेलवे की कम दिन में सबसे ज्यादा कमाऊ ट्रेन बन गयी है. यहीं कारण है कि इसकी सफलता से उत्साहित दक्षिण पूर्व रेलवे ने आने वाले दिनों में इस प्रकार की और ट्रेनों का परिचालन करने पर विचार कर रहा है. चार मार्च 2017 को ट्रेन का संचालन शुरू किया गया था. पहले दिन से इस साल नवंबर तक की अगर बात करें, तब ट्रेन में कुल मिलाकर एक लाख 40 हजार लोगों ने यातायात किया है. कमाई की बात करें तो मात्र डेढ़वर्ष में इस ट्रेन के यात्री किराए से रेलवे को 6.50 करोड़ रुपये की आमदनी हुई.
ट्रेन में कुल मिलाकर जितनी सीटें है, उसके मुताबिक एक ट्रेन में 1600 लोग सफर कर सकते हैं. इस तरह महीने में कुल मिलाकर 6400 लोग ट्रेन में सफर कर सकते हैं. लेकिन नवंबर 2018 महीने के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ नवंबर 2018 में हावड़ा स्टेशन से ही 11 हजार यात्री ट्रेन में सवार हुए हैं. जबकि अक्तूबर में कुल मिलाकर 9 हजार लोग सवार हुए थे.
इसके पहले सितंबर की अगर बात की जाए, तब 17 हजार 192 लोग इस ट्रेन में सवार हुए थे. दक्षिण पूर्व रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय घोष बताते हैं कि फिलहाल ऐसी तीन ट्रेनें चलती हैं. हावड़ा-एर्नाकुलम, सांतरागाछी-चेन्नई और टाटा-मुंबई रूट पर चलने वाली यह ट्रेन लंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेन है, जिसके सभी अनारक्षित हैं. इस ट्रेन में यात्रा करने वाले ज्यादातर बंगाल के कामगार तबके के लोग है जो रोजगार के सिलसिले में दक्षिण भारत की तरफ जाते हैं.
यूपी-बिहार के लिए भी अंत्योदय एक्सप्रेस जल्द
सफलता से उत्साहित दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक पूर्णेंदु एस मिश्रा कहते हैं कि अंत्योदय एक्सप्रेस देशभर के विभिन्न जोनों में चलायी जा रही है, जिसे जनता ने काफी सराहा है. हावड़ा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस काफी सफल रही है. थर्डलाइन के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए भी इस प्रकार की ट्रेनों का परिचालन दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा किया जायेगा.
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