कोलकाता : राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग की बैठक, विरोधी दलों की मांग , चुनाव में हो भारी सुरक्षा बल की तैनाती
Updated at : 01 Feb 2019 2:57 AM (IST)
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कोलकाता : राज्य में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के साथ गुरुवार को हुई बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और दोनों चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. मध्य कोलकाता के पांच सितारा […]
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कोलकाता : राज्य में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के साथ गुरुवार को हुई बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और दोनों चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की.
मध्य कोलकाता के पांच सितारा होटल में हुई इस बैठक में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अलावा विपक्षी दलों भाजपा, माकपा और कांग्रेस के नेता शामिल हुए. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल के नेता मुकुल राय ने कहा : हमने चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने के लिये भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है. उन्हें राज्य के हर मतदान केंद्र पर तैनात किया जाना चाहिए और केंद्रीय बल को जिला पुलिस के नियंत्रण में नहीं दिया जाना चाहिए. वह पुलिस अधिकारी तृणमूल कांग्रेस नेताओं के आदेशों के मुताबिक काम करते हैं.
तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी पार्टी महासचिव और वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी के नेतृत्व में चुनाव आयोग के मुलाकात की. हालांकि पार्टी नेताओं ने मीडिया से बात नहीं की. माकपा ने चुनाव आयोग को बीते साल राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा के आंकड़े और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों के सही इस्तेमाल नहीं किये जाने से संबंधित तस्वीरें सौंपी. कांग्रेस ने चुनाव के दौरान वीवीपैट मशीनों का सही संचालन सुनिश्चित करने की मांग की. चुनाव आयोग की टीम लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार शाम यहां पहुंची थी.
कांग्रेस ने की निष्पक्ष चुनाव की मांग
कांग्रेस की ओर से ओमप्रकाश मिश्रा ने राज्य में निष्पक्ष चुनाव की मांग की. उन्होंने कहा कि चुनाव से एक महीना पहले यहां पर केंद्रीय बल की तैनाती हो. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि 2011 में राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद हुए चुनाव निष्पक्ष नहीं रहे हैं, चाहे वह 2014 में हुआ लोकसभा चुनाव हो या 2016 में विधानसभा चुनाव या फिर 2018 में पंचायत चुनाव. गत चुनाव में बूथ कैप्चर, विपक्षी दलों के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं पर हमले, धमकी दिये जाने, नामांकन पत्र से नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने समेत कई घटनाएं हो चुकी हैं.
कांग्रेस ने यहां निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव कराने की मांग करते हुए प्रत्येक पोलिंग स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था किये जाने, पोलिंग स्टेशन के 200 मीटर के दायरे में मतदाताओं और पोलिंग एजेंट के अलावा किसी के प्रवेश पर अनुमति नहीं दिये जाने, चुनाव के पहले राज्य में आपराधिक मामलों में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने, विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है.
चुनाव शांतिपूर्ण हो : भाजपा
भाजपा की चुनाव कमेटी के संयोजक मुकुल राय ने कहा कि इस राज्य में लोकतंत्र नहीं है. पंचायत चुनाव में लोगों ने राजनीतिक हिंसा और हत्याओं का दौर देखा है. खुद भाजपा के 70 से भी अधिक कार्यकर्ताओं की पंचायत चुनाव में हत्या हुइ है. किसी और राज्य में इस तरह की भयावह राजनीतिक हिंसा नहीं होती है.
मुख्यमंत्री कहती हैं कि बंगाल में लोकतंत्र अक्षत है. ऐसा है तो पंचायत चुनाव में 100 लोग कैसे मारे गये, इसका जबाब वह नहीं दे रही हैं. 34 फीसदी सीटों पर विरोधी दल के लोग अपना नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाये. राज्य की वास्तविक स्थिति का ब्योरा देते हुए चार पन्ने का एक पत्र भी सौंपा है.
भाजपा नेता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि मतदान केंद्रीय बल की मौजूदगी में हो. इसके अलावा सभी बूथों में अंदर और बाहर सीसीटीवी की व्यवस्था होनी चाहिए.
वामो का कानून व्यवस्था पर जोर
भाकपा के नेता अशोक राय ने कहा कि 2011 से अब तक पश्चिम बंगाल में जितने भी चुनाव हुए हैं, वे सिर्फ तमाशा ही रहे. हालत यह है कि लोग डर से वोट नहीं दे पाते हैं. इसके लिए चुनाव आयोग को पहले लोगों का भरोसा जीतना होगा. सभी बूथों में वीवीपैट लगाना होगा. माकपा के नेता रबीन देव ने लोकसभा चुनाव के पहले राज्य में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने और निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव की मांग की है.
कौन-कौन मौजूद रहे : बैठक में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, माकपा, बसपा, एनसीपी, कांग्रेस, फाॅरवर्ड ब्लॉक, भाकपा, आरएसपी के प्रतिनिधियों ने लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टियों का आयोग के समक्ष रखा. वहीं, सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस की ओर से शहरी विकास मंत्री व मेयर फिरहाद हकीम, शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और तापस राय मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में मुकुल राय, शायंतन बसु व जयप्रकाश मजूमदार शामिल रहे. इधर, माकपा के रबीन देव बैठक में शामिल हुए.
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