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वीरपाड़ा : डेढ़ महीने में तीन बच्चों को तेंदुओं ने मार डाला

Updated at : 26 Jan 2019 6:52 AM (IST)
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वीरपाड़ा :  डेढ़ महीने में तीन बच्चों को तेंदुओं ने मार डाला

वीरपाड़ा : डुआर्स के चाय बागानों में तेंदुओं के हमले थम नहीं रहे हैं. एक बार फिर तेंदुए ने हमला कर 15 वर्षीय छात्र आकाश उरांव को गंभीर रूप से घायल कर दिया है. यह घटना अलीपुद्वार जिले के वीरपाड़ा ब्लॉक के तुलसीपाड़ा चाय बागान के श्रमिक मोहल्ले में घटी है. शुक्रवार को वह मवेशी […]

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वीरपाड़ा : डुआर्स के चाय बागानों में तेंदुओं के हमले थम नहीं रहे हैं. एक बार फिर तेंदुए ने हमला कर 15 वर्षीय छात्र आकाश उरांव को गंभीर रूप से घायल कर दिया है. यह घटना अलीपुद्वार जिले के वीरपाड़ा ब्लॉक के तुलसीपाड़ा चाय बागान के श्रमिक मोहल्ले में घटी है. शुक्रवार को वह मवेशी के लिए घास काटने गया था

तभी घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया. आकाश को पहले वीरपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिलीगुड़ी के उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. इस घटना के बाद वीरपाड़-मदारीहाट के चाय बागानों में दहशत और बढ़ गयी है. बता दें कि इसी इलाके के चाय बगानों में बीते डेढ़ महीने में तेंदुआ तीन बच्चों को मार चुका है.

जानकारी के मुताबिक, आकाश तुलसीपाड़ा जूनियर हाई स्कूल में सातवीं का छात्र है. घास काटने के दौरान जब तेंदुए ने उस पर हमला किया, तभी मोटरबाइक से गुजर रहे युवराज तमांग ने पत्थर से तेंदुए पर वार किया. तब तक शोरगुल सुनकर वहां आसपास से काफी लोग जमा हो गये. लोगों ने पत्थरों से तेंदुए को भागने पर मजबूर कर दिया, जिसकी वजह से आकाश की जान बच गयी.
मदारीहाट-वीरपाड़ा ब्लॉक क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ने से एक खास तेंदुए के नरभक्षी होने की आशंका भी जतायी जा रही है. हालांकि इसकी पुष्टि वन विभाग ने नहीं की है. इन घटनाओं को देखते हुए हाल ही में गरगंडा चाय बागान में दो तेंदुओं को जहर देकर कुछ लोगों ने मार डाला था. वन्य पशुओं और मनुष्य के बीच इस संघर्ष की स्थिति ने वन विभाग को और चिंता में डाल दिया है. इलाके के लोगों का कहना है कि गत 13 अक्तूबर से तेंदुओं के हमलों में तेजी आयी है.
जलदापाड़ा नेशनल पार्क से लगा मदारीहाट-वीरपाड़ा ब्लॉक तेंदुओं का गढ़ बन गया है. बंद चाय बागानों में झाड़ियां बढ़ जाने से तेंदुओं के छिपने में सहूलियत हो रही है. वैसे भी पहले मादा तेंदुआ बागानों में शावकों को जन्म देती रही हैं.
गत 13 अक्तूबर को धुम्चीपाड़ा चाय बागान में चार साल की आकृति छेत्री हमले में गंभीर हुई थी. उसके बाद इसी चाय बागान में गत 12 दिसंबर को पांच साल के बच्चे इडेन नायक को तेंदुए ने मार दिया. 17 दिसंबर को इसी बागान के बुजुर्ग बुधुराम माझी तेंदुए के हमले में घायल हो गये. 23 दिसंबर को रामझोड़ा चाय बागान में तेंदुए के हमले में 12 साल के अनिकेत उरांव की मौत हो गयी.
15 जनवरी को तेंदुआ गरगंडा चाय बागान की तीन साल की प्रणिता उरांव को घसीटकर जंगल ले गया था. करीब 14 घंटे बाद उसका क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला था.
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