कोलकाता : देश के तीन राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसानों का मुद्दा काफी अहम हो सकता है. इसलिए किसानों के विकास व उनके फसल की सही कीमत उन तक पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नई पहल शुरू करने का फैसला किया है.
इस नई पहल के तहत किसानों से धान खरीदने के तुरंत बाद किसानों की इसकी कीमत चुका दी जायेगी. यह जानकारी बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय नवान्न भवन में संवाददाता सम्मेलन में दी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में धान संग्रह के मुद्दे पर बुधवार को राज्य सचिवालय नवान्न में एक बैठक की.
बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा, कृषि मंत्री आशीष बनर्जी, खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक, सहकारिता मंत्री अरुप राय और मुख्य सचिव समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अभी राज्य सरकार आरटीजीएस के माध्यम से किसानों को धान की कीमत चुकाती है, जिसमें कम से कम तीन दिन का समय लग जाता है.
लेकिन अब राज्य सरकार नई प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को तुरंत चेक के माध्यम से धान की कीमत चुका दी जाए.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमलोग किसानों से सीधे धान खरीदना चाहते हैं. सरकार धान खरीदने का लक्ष्य बढ़ाना चाहती है. फिलहाल हमारा लक्ष्य 58 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदारी करना है. किसानों को उनकी फसल की सही कीमत देने के लिए धान का सहायक मूल्य की प्रति क्विंटल 1750 रुपये निर्धारित किया गया है.
ममता बनर्जी ने कहा कि किसानों के बीच कुछ दलाल घुस आते हैं, जिसकी वजह से धान की खरीदारी में दिक्कत होती है. ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीदारी के लिए 2000 सेंटर खोले गये हैं. हमलोगों ने ऐसी व्यवस्था की है, जिससे धान बेचने आया कोई भी किसान धान बेचे बगैर वापस न जाये. पहले धान की कीमत किसान के बैंक अकाउंट में दे दी जाती थी, लेकिन अब सेंटर में ही धान की कीमत का चेक दिया जा रहा है.
