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भाजपा को रोकने के लिए नर्म हिंदुत्व की राह पर तृणमूल, राम व दुर्गा वंदना के बाद अब करायेंगी सूर्य मंदिर का निर्माण

Updated at : 28 Nov 2018 4:02 AM (IST)
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भाजपा को रोकने के लिए नर्म हिंदुत्व की राह पर तृणमूल, राम व दुर्गा वंदना के बाद अब करायेंगी सूर्य मंदिर का निर्माण

कोलकाता : बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव की काट के रूप में तृणमूल कांग्रेस अपनी नरम हिंदूवादी छवि बनाने में जुट गयी है. इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले राज्य में दक्षिण बंगाल के आसनसोल इलाके में 10 सूर्य मंदिरों का निर्माण कराने पर विचार कर रही है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ […]

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कोलकाता : बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव की काट के रूप में तृणमूल कांग्रेस अपनी नरम हिंदूवादी छवि बनाने में जुट गयी है. इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले राज्य में दक्षिण बंगाल के आसनसोल इलाके में 10 सूर्य मंदिरों का निर्माण कराने पर विचार कर रही है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आसनसोल नगर निगम के मेयर जितेंद्र कुमार तिवारी मंदिरों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और अगले साल छठ पूजा से पहले इनका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है.
बहुसंख्यक समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास कर रही तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र में बिहार और झारखंड की प्रवासी हिंदीभाषी आबादी के साथ तालमेल बढ़ा रही है.
इस क्षेत्र में पांच लोकसभा क्षेत्र हैं. छठ पूजा समन्वय समिति के अध्यक्ष ने कहा : दुर्गापुर-आसनसोल के इस क्षेत्र में बड़ी हिंदीभाषी आबादी रहती है. हर साल हम छठ पूजा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखते हैं. लिहाजा उनके लिए हमने क्षेत्र में 10 सूर्य मंदिर बनाने का फैसला किया है.
पश्चिम बर्दवान से तृणमूल विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि मंदिरों की डिजाइन दिसंबर तक तैयार हो जायेगी और निर्माण की लागत करीब दो करोड़ रुपये होगी. उन्होंने कहा : हमने मंदिरों के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों से चंदा लेना शुरू कर दिया है. हमने विभिन्न इलाकों में चंदा लेने के लिए मंदिर समितियां बनायी हैं. मंदिर के निर्माण के बाद आसनसोल नगर निगम सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करेगा.
आसनसोल-दुर्गापुर पट्टी 2014 के चुनावों के बाद से राज्य के उन क्षेत्रों में शामिल रही है, जो राजनीतिक और सांप्रदायिक लिहाज से परिवर्तनशील रहे हैं. 2014 के चुनाव में यहां भाजपा के बाबुल सुप्रियो ने जबरदस्त जीत हासिल की थी. इस साल मार्च-अप्रैल में रामनवमी समारोहों को लेकर क्षेत्र में सांप्रदायिक दंगे भड़के. तृणमूल के मंदिर निर्माण के अभियान को भाजपा की बढ़ती सेंध को रोकने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. सुप्रियो की जीत के बाद से इलाके में भगवा पार्टी का दबदबा बढ़ा है.
देवी-देवताओं के नाम पर बांटना चाहती हैं ममता : भाजपा
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में भाजपा को रावण का भक्त करार दिये जानेवाले बयान पर पार्टी के नेता रेणुका शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होने इस बयान को गैर जरूरी बताते हुए कहा कि वोट बैंक के खातिर सीएम बंगाल के हिंदुओं को देवी-देवताओं के नाम पर बांटने की साजिश कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा के बढ़ते जनाधार, विशेषकर महिलाओं के बीच बढ़ती भाजपा की पकड़ से मुख्यमंत्री घबरा गयी हैं. वह यह भूल गयी हैं कि मां दुर्गा से प्रेरणा लेकर बंगाल सहित पूरे भारत में दुर्गावाहिनी नामक संगठन के माध्यम से माता-बहनें वर्षों से देश धर्म व समाजहित में सक्रिय रूप से अपना योगदान देती आ रही हैं. राम व दुर्गा के नाम पर बंगाल के लोगों को बांटने की उनकी रणनीति यहां सफल नहीं होगी.
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