दुर्गा पूजा की धूम : मां की महत्ता को दर्शायेगा पूजा पंडाल
Updated at : 10 Oct 2018 3:09 AM (IST)
विज्ञापन

कोलकाता. मां का ऋण कोई भी इंसान कभी नहीं चुका सकता है. मां हमारा पालन-पोषण कर हमें बड़ा करती है. भगवान का असली रूप धरती पर मां का ही होता है. इस बार बरिशा सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति की पूजा पंडाल की थीम मां के प्रति ऋण को बनाया है. इस वर्ष कमेटी की यह पूजा […]
विज्ञापन
कोलकाता. मां का ऋण कोई भी इंसान कभी नहीं चुका सकता है. मां हमारा पालन-पोषण कर हमें बड़ा करती है. भगवान का असली रूप धरती पर मां का ही होता है. इस बार बरिशा सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति की पूजा पंडाल की थीम मां के प्रति ऋण को बनाया है. इस वर्ष कमेटी की यह पूजा अपने 29वें वर्ष में प्रवेश कर रही है.
पूजा समिति के अध्यक्ष सुदीप पॉल ने बताया कि इस बार इनकी पूजा की थीम काफी अद्भुत रहेगी. श्रद्धालुओं को यह काफी आकर्षित करेगी. यह थीम आजकल के युवाओं को सीख देगी कि वे बड़े होकर अपने माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्यों को ना भुलें. पंडाल के अंदर ही नहीं बाहर का दृश्य भी काफी मनोरम होगा. मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूजा का उद्घाटन किया.
मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोलकाता में पूजा पंडालों का किया उद्घाटन
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भी दक्षिण कोलकाता के विभिन्न पूजा पंडालों का उद्घाटन किया. मंगलवार को शाम चार बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सचिवालय नबान्न भवन से पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के लिए निकलीं और सबसे पहले बेहला नूतन दल के पूजा पंडाल का उद्घाटन किया.
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बरिशा क्लब, अजेय संहति क्लब, 41 पल्ली हरिदेवपुर, बोसपुकुर ताल बागान, बोसपुकुर शीतला मंदिर, आदि बालीगंज दुर्गोत्सव समिति व बालीगंज 21 पल्ली के पूजा पंडाल का उद्घाटन किया. पूजा पंडालों का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों से शांति-व्यवस्था कायम रखते हुए पूजा का आनंद उठाने की अपील की.
तरूण समिति हावड़ा
जहां खोया बचपन लौट आयेगा
हावड़ा. पंडाल के अंदर प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन बेशक होगा, लेकिन मंडप के आसपास का दृश्य श्रद्धालुओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी से रूबरू करायेगा. साथ ही बचपन से जुड़ी कई बातों को भी याद दिलायेगा. पूजा सचिव दीपक दास ने कहा कि वर्तमान समय में आज के बच्चे बचपन खो रहे हैं. पहले पतंग उड़ाने, लट्टू घुमाने, फुटबॉल आैर क्रिकेट खेलने का जो जुनून बच्चों में था, शायद आज वो खो चुका है. अब पतंग उड़ाने की होड़ बच्चों में नहीं है.
एक मोबाइल ने बच्चों के जीवन से सब कुछ छीन लिया है. इस बार तरुण समिति की पूजा का 73वां साल है. पंडाल के अंदर पंतग, फुटबॉल, लट्टू आदि अन्य खेल का सामान दिखाया जायेगा. गांधीजी की 150वीं जयंती पर उनके जीवन से जुड़े कई दृश्य वहां श्रद्धालुओं को दिखाये जायेंगे. बापू का चरखा, दांडी आंदोलन से संबंधित तस्वीर होगी. मंगलवार शाम पूजा का उद्घाटन मंत्री अरूप राय, विधायक निर्मल माझी आैर टॉलीवुड अदाकारा नुसरत जहां ने दीप जलाकर किया.
सलकिया शांति संघ, मंडप में मंदिर-सा माहौल
हावड़ा : छोटे बजट में हमेशा आकर्षक थीम बनाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को अपने मंडप तक खींच कर लाने वाले सलकिया शांति संघ इस बार भी कुछ अलग करने की कोशिश में है. कुटीर शिल्प आैर चंदननगर के प्रसिद्ध विद्युत सज्जा के जरिये मंडप के अंदर मंदिर-सा माहौल दर्शाने की कोशिश है. पंडाल को कमल फूल का आकार दिया जा रहा है. यह जानकारी पूजा कमेटी के सचिव जय घोष ने दी. पूजा की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी. उत्तर हावड़ा का यह सबसे पुराने पूजा में एक है.
बांस, प्लाइ, पॉली बास के कारीगरी की मदद से पंडाल के अंदर आैर बाहर के हिस्से को खुबसूरत बनाया जा रहा है. पूजा का थीम मां के चरण में कमल है. थीम के जरिये श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया जायेगा कि आपसी मतभेद भुलाकर, गिला-शिकवा भूलकर एक साथ मां दुर्गा की चरण में खुद को समर्पित करना है. पंडाल का निर्माण बपाई सेन कर रहे हैं, जबकि अरूण पाल मूर्तिकार हैं. प्रकाश सज्जा चंदन नगर के कलाकार कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




