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TMC ने अमित शाह को दी चुनौती, कहा- अगली बार बंगाल में नहीं घुसने देंगे

Updated at : 29 Jun 2018 6:28 PM (IST)
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TMC ने अमित शाह को दी चुनौती, कहा- अगली बार बंगाल में नहीं घुसने देंगे

पुरुलिया में अमित शाह से मिले परिवार तृणमूल की शरण में पहुंचे तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को पुरुलिया दौरे के दौरान जिन परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी. शुक्रवार उन परिवारों ने तृणमूल कांग्रेस के दामन थाम लिया. पुरुलिया के गोविंद […]

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पुरुलिया में अमित शाह से मिले परिवार तृणमूल की शरण में पहुंचे

तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की

कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को पुरुलिया दौरे के दौरान जिन परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी. शुक्रवार उन परिवारों ने तृणमूल कांग्रेस के दामन थाम लिया. पुरुलिया के गोविंद राजभर और उनकी मां अष्टमी राजभर, शिशुबाला राजभर व उनके पुत्र संजय राजभर ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री मदन मित्रा व सांसद डॉ शांतनु बोस की उपस्थिति में कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस के आवास पर तृणमूल कांग्रेस का झंडा थामते हुए कहा कि वे लोग ममता बनर्जी के आश्रय में रहना चाहते हैं.

इस अवसर पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने कहा कि वे लोग कुछ भी नहीं जानते थे. भाजपा अध्यक्ष पुलिस और मिलिट्री के साथ इनके घर पहुंच गये और इन पर भाजपा में शामिल होने का दवाब डाला. इन लोगों को जबरन धमका कर भाजपा में शामिल होने के लिए कहा गया, लेकिन ये भाजपा में शामिल होने के प्रति ‘लेस इंटेरस्टेड’ हैं. वे लोग भयभीत हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का शरण लेने आये हैं.

उन्होंने कहा कि पहली बार भाजपा अध्यक्ष आये थे, तो केला के पत्ते पर मूंग की दाल, आलू भाजा खाने के लिए मिला था, लेकिन इस बार पुरुलिया दौरे के दौरान बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं मिली. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, ‘यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश नहीं है. यहां इंच-इंच के लिए लड़ाई होगी. एक इंच जमीन भी नहीं छोडेंगे.’

उन्‍होंने कहा, ‘पहली बार मूंग की दाल मिली थी. इस बार कुर्सी भी नहीं मिली, अगली बार वह बंगाल नहीं घुस पायेंगे. राज्य के लोग उन्हें घुसने नहीं देंगे. पांव के नीचे खड़े होने के लिए जमीन नहीं मिलेगी. देश के अन्य राज्यों से भगाये जा रहे हैं. बंगाल उनकी कॉफिन में अंतिम कील होगा.’

सांसद शांतनु बोस ने कहा कि ये लोग मानसिक रूप से भयभीत हैं तथा गांव के आम लोग हैं. इनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं हैं. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तुलना चंबल के डकैते से करते हुए कहा कि वे पुलिस और मिलिट्री के साथ इन लोगों के पास पहुंच गये थे और इन्हें धमका रहे थे.

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