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बंगाल : भ्रष्टाचार के आरोप में मुकुल राय का साला दिल्ली से गिरफ्तार, जानें क्या है मामला

Updated at : 06 May 2018 6:00 AM (IST)
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बंगाल : भ्रष्टाचार के आरोप में मुकुल राय का साला दिल्ली से गिरफ्तार, जानें क्या है मामला

कोलकाता : भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली से शुक्रवार को गिरफ्तार सुजन राय को शनिवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान लोगों ने जमकर हंगामा किया.हाथों में तख्ती लेकर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने कोर्ट परिसर के बाहर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की. कोर्ट ने सुजन राय को […]

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कोलकाता : भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली से शुक्रवार को गिरफ्तार सुजन राय को शनिवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान लोगों ने जमकर हंगामा किया.हाथों में तख्ती लेकर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने कोर्ट परिसर के बाहर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की. कोर्ट ने सुजन राय को 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इधर, साले की गिरफ्तारी को भाजपा नेता मुकुल राय ने राजनीतिक साजिश करार दिया है.
आरोप है कि मुकुल राय जब तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत में थे उस वक्त ममता बनर्जी ने दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री के पद से हटवाकर मुकुल राय को रेल मंत्री बनया था. उस वक्त कांचरापाड़ा वर्कशॉप और रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर मुकुल राय के साले पर लोगों से लाखों रुपये घूस लेने का आरोप है. सुजन के खिलाफ बीजपुर के साथ कई थानों में मामले दर्ज हैं. इसके आधार पर बैरकपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने दिल्ली से शुक्रवार को उसे गिरफ्तार किया. खबर है कि दिल्ली में मुकुल राय के निवास स्थान पर ही साजा उर्फ सुजन राय रहता था.
सुजन जब मुकुल राय के घर से जैसे ही निकल कर रास्ते पर आया पश्चिम बंगाल की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी जांच होगी. इसके अलावा हत्या के एक मामले में भी पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती है.
यूपीए शासन के दौरान मार्च 2012 में मुकुल राय रेल मंत्री थे. इसी दौरान उनके साले सुजन पर कांचरापाड़ा वर्कशॉप में नौकरी देने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये ऐंठने का आरोप है. हालांकि किसी को नौकरी नहीं मिली.
2012 में मनोज कुमार साव नाम के शख्स ने बीजपुर थाने में शिकायत दर्ज करवायी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्रुप डी की नौकरी के िलए उससे साढ़े तीन लाख रुपये मांगे गये. उसने दो किस्तों में यह रकम सुजन राय को दी. उनके (आरोपी) द्वारा दिये गये नियुक्ति पत्र के आधार पर काम करने गया तो बताया गया कि यह नियुक्ति पत्र जाली है. इसी मामले में सुजन की गिरफ्तारी हुई है.
मुकुल ने बदले की कार्रवाई बताया
साजा की गिरफ्तारी से नाराज मुकुल राय ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि बदले की कार्रवाई के तहत इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया है. उन्होंने कहा कि साल 2012 में इस तरह का आरोप लगा. इसके बाद 2018 में पंचायत चुनाव के ठीक पहले यह सब सामने लाया जा रहा है. मुझे और मेरे परिवार को लेकर इस तरह की घृणित राजनीति को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अंजाम दे रही हैं.
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि सारधा मामले में बहुत कुछ है जो अभी पर्दे के पीछे है. अब उसको सामने लाना होगा. मसलन किसके निर्देश पर सारधा को भारततीर्थ का पुरस्कार दिया गया था. कौन अधिकारी इस मामले की देख-रेख कर रहा था उसमें क्या-क्या हुआ यह सब भी सामने लाना होगा.
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