बंगाल : गंगासागर आयें बार-बार, हमने मेले को टैक्स मुक्त किया है : सीएम
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Jan 2018 6:32 AM
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सीएम ने सेवा शिविरों का जायजा लिया, कहा कोलकाता : कभी कहा जाता था कि सब तीर्थ बार-बार गंगासागर एक बार लेकिन हम अपने भारतवासियों के लिए देश के सबसे दुर्गम तीर्थ माने जाने वाले गंगासागर को सुगम बनाने में लगे हुए हैं. सागरमेला से लेकर आउट्राम घाट तक हमने तीर्थयात्रियों की सुविधा और बेहतरी […]
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सीएम ने सेवा शिविरों का जायजा लिया, कहा
कोलकाता : कभी कहा जाता था कि सब तीर्थ बार-बार गंगासागर एक बार लेकिन हम अपने भारतवासियों के लिए देश के सबसे दुर्गम तीर्थ माने जाने वाले गंगासागर को सुगम बनाने में लगे हुए हैं.
सागरमेला से लेकर आउट्राम घाट तक हमने तीर्थयात्रियों की सुविधा और बेहतरी के लिए कई कार्य किये हैं. यह कहना है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का. आउट्राम घाट में गंगासागर मेला शिविरों के लिए सरकारी सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचीं मुख्यमंत्री ने कहा : गंगासागर मेला देश के महत्वपूर्ण मेलों में से एक है. यहां उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान के साथ सभी प्रांतों से तीर्थयात्री आते हैं. पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से मैं आप सभी का स्वागत करती हूं. आप के आगमन से हम धन्य हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के बाद गंगासागर मेला सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है. कुंभ मेले को केंद्र सरकार तो आर्थिक सहायता देती है लेकिन गंगासागर मेले के लिए केंद्र सरकार एक पैसा पश्चिम बंगाल को नहीं देती है. सागर मेले में आज जितनी भी व्यवस्थाएं की गयी हैं राज्य सरकार ने खुद अपने बल पर किया है. मुख्यमंत्री ने कहा: 20-30 लाख लोगों को नदी पार कराकर सागर मेले तक सुरक्षित ले जाना कोई आसान काम नहीं है.
हमारी पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन और एनजीओ के संयुक्त प्रयास से हम लोगों को सागरमेला तक पहुंचाते हैं और फिर वापस उनकी मंजिल के लिए विदा करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने सागर मेला व कपिल मुनि आश्राम का कई बार दौरा किया है.
मैं जानती हूं कि पहले वहां कुछ नहीं था लेकिन काफी मेहनत के बाद मैंने सागर मेला को तीर्थयात्रियों के लिए रास्ता-घाट व सुरक्षा के उपाय को दुरुस्त किया है. मेला समिति अपने 45 समाजिक संगठनों के साथ बेहतरीन काम कर रही है. मेरा आग्रह है कि समिति जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राज्य में विवेकानंद जैस महापुरुष पैदा लिए हों जिन्होंने सभी धर्मों से प्यार व भाई-चारे का संदेश दिया उसे हिंदू-मुस्लिम और सिख-इसाई के नाम पर बांटने की राजनीति नहीं चलेगी. मेरा तो मानना है कि सभी को एक साथ लेकर चलने का विचार ही धर्म की सबसे बड़ी पवित्रता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का काम है झगड़ा लगाना. वह गंगासागर मेले में भी दंगा की राजनीति करना चाहती है. उन्होंने कहा कि मैं न ऐसी राजनीति को पसंद करती हूं और न राज्य में ऐसी राजनीति को होने दूंगी. ऐसे लोग विवेकानंद के नाम पर दंगा तो करना चाहते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता की वह तो सभी धर्मोंं की एकता और भाईचारे की बात करते थे.
मुख्यमंत्री ने कहा: केंद्र सरकार सभी को धमका रही है. स्थिति यह है कि जो केंद्र सरकार के खिलाफ बोलता है उसके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया जाता है. लेकिन मैं किसी से डरती नहीं क्योंकि मैं जानती हूं कि जो डरते हैं वह मरते हैं लेकिन जो करते हैं वह लड़ते हैं. मेरे सामने लाख बाधा उत्पन्न हो लेकिन मैं लड़ते-लड़ते काम करती रहूंगी.
स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाये :
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म को लेेकर केंद्र सरकार के मंत्री चिल्लाते हैं लेकिन उन्होंने धर्म को लेकर कुछ नहीं किया. यहां तक कि देश के सपूतों के जन्म दिवस पर अवकाश तक घोषित नहीं किया.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मैं मांग करती हूं कि वह स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करे. राज्य सरकार इन दोनों ही विभूतियों के जन्म दिवस पर छुट्टी देती है. हमने दक्षिणेश्वर मंदिर, बेलूड़ मठ के विकास के लिए 19-19 करोड़ रुपये देने के साथ विवेकानंद के पैतृक घर का अधिग्रहण किया, जिस पर दखल हो रहा था. लेकिन केंद्र सरकार ने क्या किया. हम जहां कब्रिस्तान का सौंदर्यीकरण कर रहे हैं वहीं डेढ़ हजार से ज्यादा श्मशान घाटों का निर्माण कर रहे हैं.
बैठक में दक्षिणेश्वर मंदिर, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम के प्रतिनिधियों के साथ मंत्री अरूप राय, नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी, मेला संयुक्त समिति के अध्यक्ष तारक नाथ त्रिवेदी, महासचिव भरत मिश्रा और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार मौजूद थे.
हमने मेले को टैक्स मुक्त किया
सीएम ने कहा: बंगाल की पिछली सरकारों ने मेले और तीर्थयात्रियों के लिए भले ही कुछ न किया हो लेकिन वह उनसे टैक्स लेना नहीं भूलती थीं. लेकिन राज्य में हमारी सरकार आते ही संयुक्त समिति की मांग को ध्यान में रखते हुए तुरंत मेला को टैक्स मुक्त कर दिया गया. इतना ही नहीं हमने तो मेला में जाने वाले सभी तीर्थयात्रियों और पत्रकारों के लिए पांच लाख का बीमा भी देने की शुरुआत की है.
मेले को डिस्टर्ब करने की हो रही साजिश: मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने और किसी बहकावे में नहीं आने का आग्रह करते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो हर अच्छे काम में बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं. वह मेले (गंगासागर) को भी डिस्टर्ब करना चाहते हैं. लेकिन हमारा सुरक्षा तंत्र उन संदेहास्पद लोगों पर नजर रखे हुए है.
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