ePaper

केंद्र आज दार्जिलिंग से हटायेगा अर्द्धसैन्य बलों की दस कंपनी, फैसले से नाराज हुईं ममता बनर्जी

Updated at : 16 Oct 2017 9:24 AM (IST)
विज्ञापन
केंद्र आज दार्जिलिंग से हटायेगा अर्द्धसैन्य बलों की दस कंपनी, फैसले से नाराज हुईं ममता बनर्जी

कोलकाता: केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों पर तैनात अर्द्धसैनिक बलों को वापस बुलाने का फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहाड़ पर तैनात सीआरपीएफ की सात और एसएसबी की तीन कंपनियों को वापस बुला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, अर्द्धसैनिक बलों की दस कंपनियां सोमवार यानी 16 अक्तूबर से […]

विज्ञापन

कोलकाता: केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों पर तैनात अर्द्धसैनिक बलों को वापस बुलाने का फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहाड़ पर तैनात सीआरपीएफ की सात और एसएसबी की तीन कंपनियों को वापस बुला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, अर्द्धसैनिक बलों की दस कंपनियां सोमवार यानी 16 अक्तूबर से पहाड़ से हटा ली जायेंगी. हालांकि दार्जिलिंग में केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां कानून व्यवस्था बनाये रखने व राज्य प्रशासन की मदद करने के लिए बनी रहेंगी. केंद्र सरकार के इस फैसले से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो गयी हैं. उन्होंने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है.

जानकारी के अनुसार, बाकीपांच कंपनी 20 अक्तूबर को हटायी जायेंगी. गौरतलब है कि जून महीने में पहाड़ पर अशांति फैलने के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने अर्द्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां भेजी थी. इसमें सीआरपीएफ की दस एवं एसएसबी की पांच कंपनियां शामिल हैं. अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां हटाने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है.

उधर, केंद्र के इस फैसले पर राज्य सरकार ने गहरी नाराजगी जतायी है. सूत्रों के अनुसार खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस फैसले से बेहद असंतुष्ट व नाराज हैं. सूत्रों के अनुसार राज्य गृह मंत्रालय ने केंद्र के इस फैसले पर आधिकारिक रूप से विरोध जताया है. सूत्रों का यह भी कहना है कि स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भी इस फैसले के खिलाफ राज्य की नाराजगी से अवगत करा दिया गया है.

कई गोजमुमो नेताओं के घर में लगी आग

सिलीगुड़ी/दार्जिलिंग. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के पातलेबास इलाके में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब एक के बाद एक कई गोजमुमो नेताओं के घर में आग लग गयी. आग लगी या लगायी गयी, इसको लेकर कोई भी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है. इस घटना के बाद से एक बार फिर से पहाड़ का माहौल गरम हो गया है. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में पातलेबास इलाका गोरखालैंड आंदोलन शुरू होने के बाद से ही चर्चा में है. इसी इलाके में न केवल गोजमुमो सुप्रीमो विमल गुरुंग का घर है, बल्कि गोजमुमो केंद्रीय कमेटी का कार्यालय भी है.
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अगलगी में चार घर जल कर खाक हो गये हैं. इनमें मोर्चा नेता दिनेश गुरुंग का घर भी शामिल है. दिनेश गुरुंग विमल गुरुंग के निकटवर्ती नेताओं में सुमार हैं. पहाड़ पर विनय तमांग तथा अनित थापा ने अपना एक अलग गुट बना लिया है और उसके बाद गोजमुमो के कई बड़े नेता इन लोगों के साथ हो गये हैं.

जबकि दिनेश गुरुंग युवा मोर्चा के नेता हैं और वह अभी भी विमल गुरुंग के साथ बने हुए हैं. श्री गुरुंग के अलावा मोर्चा नेता राजेश गुरुंग प्रवीण सुब्बा तथा अमित चंद के घर में आग लगी है. इस घटना में मोर्चा सुप्रीमो विमल गुरुंग का घर बाल-बाल बच गया है. पास स्थित गोजमुमो के केंद्रीय कार्यालय को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. तोड़फोड़ किसने इस बारे में भी पुलिस कुछ नहीं बता रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि देररात करीब तीन बजे के आसपास आग लगने की यह घटना घटी. धू-धू कर आग जलता देख स्थानीय लोगों ने ही दमकल कर्मियों को इसकी सूचना दी. जब तक दमकल कर्मी आग पर काबू पाते तब तक सब कुछ स्वाहा हो गया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola