डोकलाम विवाद : जानिए क्यों भारतीय सेना सीख रही है चीनी भाषा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Sep 2017 10:51 AM (IST)
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चीनी भाषा सिखाने का काम विश्वभारती विश्वविद्यालय के चीनी भाषा के विशेषज्ञों को सौंपा गया कोलकाता : डोकलाम विवाद के बाद भारतीय सेना में चीनी भाषा की समझ रखनेवाले जवानों की मांग बढ़ गयी है. लिहाजा जवानों को चीनी भाषा सिखाने का काम विश्वभारती विश्वविद्यालय के चीनी भाषा के विशेषज्ञों को सौंपा गया है. सेना […]
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चीनी भाषा सिखाने का काम विश्वभारती विश्वविद्यालय के चीनी भाषा के विशेषज्ञों को सौंपा गया
कोलकाता : डोकलाम विवाद के बाद भारतीय सेना में चीनी भाषा की समझ रखनेवाले जवानों की मांग बढ़ गयी है. लिहाजा जवानों को चीनी भाषा सिखाने का काम विश्वभारती विश्वविद्यालय के चीनी भाषा के विशेषज्ञों को सौंपा गया है.
सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर एसएस बिर्डी ने बताया कि विश्वभारती विश्वविद्यालय के साथ करार हुआ है, जिसके तहत सेना के जवानों को विशेषज्ञ चीनी भाषा और उनके इशारों को समझने का प्रशिक्षण देंगे.
जानकार इसको डोकलाम विवाद से जोड़ कर देख रहे हैं. जिस तरह डोकलाम में लगातार 80 दिनों तक दोनों सेना आमने-सामने थी, वहां भारतीय सेना के सामने चीनी भाषा के जानकार जवानों की बेहद जरूरत थी.
एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अगर सीमा पर डोकलाम जैसी स्थिति होती है और हमारे जवान उनकी भाषा और इशारों को समझ पाने में असफल होते हैं तो यह स्वाभाविक है कि हम उनकी रणनीति और मंशा भांप नहीं पायेंगे और हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है.
लिहाजा भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए चीनी सीमा पर तैनात सेना के सैकड़ों जवानों को विश्वभारती विश्वविद्यालय के साथ हुए करार के तहत चीनी भाषा और संकेतों को सीखने के लिए भेजा जा रहा है, ताकि हमारे जवान जो चीनी सीमा पर विभिन्न हिस्सों में तैनात हैं वे इस मामले में पारंगत हो कि वे चीनी नागरिक या फिर सैनिक उनके मंसूबों को भांप कर उनकी ही भाषा में जबाब दे सकें .
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